फेम-दो योजना ईवी उद्योग को पुनर्गठित कर रही है, तीन-चार साल और बढ़ाया जाए : अथर एनर्जी

फेम-दो योजना ईवी उद्योग को पुनर्गठित कर रही है, तीन-चार साल और बढ़ाया जाए : अथर एनर्जी

फेम-दो योजना ईवी उद्योग को पुनर्गठित कर रही है, तीन-चार साल और बढ़ाया जाए : अथर एनर्जी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:57 pm IST
Published Date: January 31, 2021 5:26 am IST

नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) फेम-दो योजना ने देश के इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने में मदद की है और इसे तीन-चार साल का और विस्तार दिया जाना चाहिए। हीरो मोटोकॉर्प समर्थित अथर एनर्जी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही है। यह कार्यक्रम देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने से संबंधित है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स (एसएमईवी) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने से या तो फेम-दो योजना में बदलाव करने या फेम-एक योजना को फिर लागू करने की मांग की है। अथर एनर्जी का रुख इससे उलट है।

अथर एनर्जी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण मेहता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘एसएमईवी ने जो कहा है, उसे उद्योग का पूर्ण विचार नहीं माना जाए।’’

एसएमईवी की दलील है कि फेम-दो को एक अप्रैल, 2019 से लागू किया गया है। उस समय से यह योजना 2022 तक 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया, पांच लाख तिपहिया, 55,000 चार पहिया और 7,000 बसों को समर्थन देने के अपने लक्ष्य का 10 प्रतिशत से भी कम हासिल कर पाई है।

एसएमईवी का कहना है कि फेम-दो में पूर्व-शर्तों तथा पात्रता मानदंडों की वजह से सब्सिडी के बावजूद इलेक्ट्रिक दोपहिया आम लोगों के लिए सस्ता नहीं बैठ रहा है।

इस दलील पर आपत्ति जताते हुए मेहता ने कहा, ‘‘फेम-दो जैसी नीति सिर्फ मांग सृजन की नीति नहीं है। यह वास्तव में सही उत्पाद के निर्माण की नीति है। यह योजना पूरे ईवी उद्योग को पुनर्गठित कर उपभोक्ताओं के लिए नए प्रकार का उत्पाद बनाने में मदद कर रही है। इस तरह की यात्रा में तीन से चार साल लगते हैं।’’

उन्होंने ओला की इलेक्ट्रिक दोपहिया संयंत्र में 2,400 करोड़ रुपये की निवेश योजना और बजाज ऑटो द्वारा 650 करोड़ रुपये के निवेश से चाकन में हाई-एंड और इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र लगाने की योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि फेम-दो के आने के बाद ही बड़ी कंपनियों या अथर जैसी स्टार्टअप ने बड़ा निवेश शुरू किया है।

मेहता ने कहा, ‘‘यह अच्छी नीति है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यह नीति अच्छे प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन देगी।’’

भाषा अजय अजय

अजय


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