भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ जंतर-मंतर पर किसानों का प्रदर्शन
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ जंतर-मंतर पर किसानों का प्रदर्शन
नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने इस समझौते के कृषि, डेयरी और पॉल्ट्री क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई।
किसान संगठन ने कहा कि अगर अमेरिका से कृषि उत्पाद बिना आयात शुल्क के भारतीय बाजार में आते हैं, तो देश का कृषि क्षेत्र ‘बर्बाद’ हो जाएगा।
एक बयान में कहा गया है कि किसान संगठनों के झंडे लिए सैकड़ों किसानों ने ‘‘अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भारत से वापस जाओ’’ और ‘‘भारत में अमेरिकी दबदबा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’’ जैसे नारे लगाए।
विरोध प्रदर्शन में जगजीत सिंह डल्लेवाल, सतनाम सिंह बहर, पी आर पांडियन, जितेंद्र शर्मा और अभिमन्यु कोहर समेत कई किसान नेता मौजूद थे।
किसान नेताओं ने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत करने सोमवार शाम भारत पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित समझौते को लेकर किसानों को कई चिंताएं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों देशों के अधिकारियों ने संकेत दिया था कि समझौते के शुरुआती दस्तावेज फरवरी के पहले सप्ताह में हस्ताक्षरित ढांचे पर आधारित होंगे।
किसान संगठन ने दावा किया कि इस ढांचे में अमेरिका से आने वाले कृषि और खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने या हटाने का प्रावधान था, जिससे भारतीय किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।
किसान नेताओं ने कहा, ‘‘अगर अमेरिका से कृषि और खाद्य उत्पाद बहुत कम कीमत पर बिना आयात शुल्क के भारत आते हैं, तो कृषि क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।’’
उन्होंने अमेरिकी पक्ष की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के कृषि, ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादों का आयात करने पर सहमत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित कृषि आयात का भारतीय किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि अगर सरकार प्रस्तावित व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी और पॉल्ट्री क्षेत्र को बाहर नहीं रखती है, तो किसान 15 अगस्त को दाता सिंहवाला-खनौरी बॉर्डर पॉइंट से पैदल मार्च शुरू करेंगे। इसी जगह पर पिछले किसान आंदोलन के दौरान किसान शुभकरण सिंह की मौत हो गई थी।
उन्होंने कहा कि यह मार्च 25 अगस्त को जंतर-मंतर पर किसानों की रैली के साथ खत्म होगा।
संगठन ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए रूपरेखा तैयार करने के मकसद से 20 जुलाई को मध्य प्रदेश में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की एक राष्ट्रीय बैठक होगी।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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