IFS Transfer in MP: वन विभाग में बड़ा फेरबदल, कई जिलों के डीएफओ बदले, एक साथ 17 IFS अफसरों का तबादला

वन विभाग में बड़ा फेरबदल, कई जिलों के डीएफओ बदले, एक साथ 17 IFS अफसरों का तबादला, IFS Transfer in Madhya Pradesh

IFS Transfer in MP: वन विभाग में बड़ा फेरबदल, कई जिलों के डीएफओ बदले, एक साथ 17 IFS अफसरों का तबादला
Modified Date: June 23, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: June 23, 2026 8:22 pm IST

भोपाल। IFS Transfer in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के तबादलों का आदेश जारी करते हुए 17 अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई जिलों के वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) को बदला गया है। वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

IFS Transfer in Madhya Pradesh: जारी आदेश में रायसेन जिले के प्रभारी वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) मानसिंह मरावी को हटाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में सहायक वन संरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनकी जगह अंशुल तिवारी को रायसेन जिले का नया डीएफओ बनाया गया है। इसी प्रकार गुरलीन कौर, जो वर्तमान में सिवनी में उपवन मंडल अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं, उन्हें वन मंडल अधिकारी छिंदवाड़ा नियुक्त किया गया है। वहीं सुंदर निवेदन, उपवन मंडल अधिकारी बैतूल, को उपवन संरक्षक राज्य वन विकास निगम के पद पर पदस्थ किया गया है।

आदेश के अनुसार प्रभंजन रेड्डी, उपवन मंडल अधिकारी शिवपुरी, को वन मंडल अधिकारी देवास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं हितेश खंडेलवाल को उपवन मंडल अधिकारी रीवा से स्थानांतरित कर सिवनी में पदस्थ किया गया है। वन विभाग में किए गए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को विभागीय कार्यों में गति लाने और वन प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तबादला सूची में शामिल सभी अधिकारियों को शीघ्र नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।