अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एफडीआई 18 प्रतिशत बढ़कर 47.87 अरब डॉलर पर
अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एफडीआई 18 प्रतिशत बढ़कर 47.87 अरब डॉलर पर
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 18 प्रतिशत बढ़कर 47.87 अरब डॉलर रहा। इस दौरान अमेरिका से आने वाला निवेश भी लगभग दोगुना होकर 7.80 अरब डॉलर हो गया। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि में देश के भीतर 40.67 अरब डॉलर एफडीआई आया था।
वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर अवधि में इक्विटी में एफडीआई निवेश सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 12.69 अरब डॉलर रहा। हालांकि यह जून-सितंबर तिमाही के 16.55 अरब डॉलर से 23 प्रतिशत कम है।
इक्विटी, पुनर्निवेशित आय और अन्य पूंजी को मिलाकर कुल एफडीआई प्रवाह अप्रैल-दिसंबर अवधि में 17.4 प्रतिशत बढ़कर 73.31 अरब डॉलर हो गया जबकि 2024-25 की समान अवधि में यह 62.48 अरब डॉलर था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिंगापुर 17.65 अरब डॉलर के साथ एफडीआई का सबसे बड़ा निवेश स्रोत रहा। उसके बाद अमेरिका (7.8 अरब डॉलर), मॉरीशस (4.83 अरब डॉलर), जापान (3.2 अरब डॉलर), यूएई (2.45 अरब डॉलर) और नीदरलैंड (2.29 अरब डॉलर) रहे।
अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच सिंगापुर (192.53 अरब डॉलर) और मॉरीशस (185 अरब डॉलर) शीर्ष निवेशक रहे हैं जबकि अमेरिका का कुल निवेश 78.46 अरब डॉलर रहा है।
उद्योग क्षेत्रों के हिसाब से, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर में 10.7 अरब डॉलर, सेवाओं में 8.42 अरब डॉलर और व्यापार में 3.36 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया।
गैर-पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में 2.53 अरब डॉलर, निर्माण में 2.1 अरब डॉलर और वाहन क्षेत्र में 1.82 अरब डॉलर का निवेश हुआ।
आंकड़े बताते हैं कि राज्यों में महाराष्ट्र 15.38 अरब डॉलर के साथ एफडीआई के मामले में शीर्ष पर रहा। उसके बाद कर्नाटक (11.2 अरब डॉलर) और गुजरात (5 अरब डॉलर) का स्थान रहा।
सरकार ने अधिकांश क्षेत्रों में स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देते हुए निवेश-अनुकूल नीति लागू की है। पिछले वित्त वर्ष में इक्विटी एफडीआई 50.01 अरब डॉलर और कुल एफडीआई 80.6 अरब डॉलर रहा था।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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