शीर्ष 10 शहरों में छोटे गोदामों के मामले में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने स्विगी इंस्टामार्ट को पीछे छोड़ा

शीर्ष 10 शहरों में छोटे गोदामों के मामले में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने स्विगी इंस्टामार्ट को पीछे छोड़ा

शीर्ष 10 शहरों में छोटे गोदामों के मामले में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने स्विगी इंस्टामार्ट को पीछे छोड़ा
Modified Date: August 26, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: August 26, 2026 3:31 pm IST

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) फटाफट सामान पहुंचने की सुविधा वाले 10 प्रमुख शहरों में छोटे केंद्रों या गोदामों की संख्या के मामले में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने स्विगी इंस्टामार्ट को पीछे छोड़ दिया है।

बाजार शोध कंपनी सीएलएसए की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिपकार्ट मिनट्स के ऐसे केंद्रों की 627 हैं, जबकि स्विगी इंस्टामार्ट के 615 स्टोर हैं।

हालांकि, दोनों के बीच अंतर कम है, लेकिन यह देश के तेजी से बढ़ते फटाफट सामान पहुंचाने की सुविधा (क्विक कॉमर्स) वाले बाजार में फ्लिपकार्ट के कारोबार के तेजी से विस्तार को दर्शाता है।

सीएलएसए के ‘क्विक कॉमर्स मैप’ के अनुसार, इन 10 शहरों में ऑनलाइन ऑर्डर के लिए सामान रखने वाले छोटे केंद्रों (डार्क स्टोर) की कुल संख्या 3,536 हैं। इनमें 969 स्टोर के साथ ब्लिंकिट सबसे आगे है। इसके बाद जेप्टो के 828, फ्लिपकार्ट मिनट्स के 627, स्विगी इंस्टामार्ट के 615 और बिगबास्केट के 497 स्टोर हैं।

ब्लिंकिट बेंगलुरु, दिल्ली, पुणे, गुरुग्राम, लखनऊ और अहमदाबाद समेत 10 में से छह शहरों में सबसे अधिक स्टोर वाला मंच है। हैदराबाद, मुंबई और चेन्नई में जेप्टो आगे है, जबकि कोलकाता में फ्लिपकार्ट मिनट्स के सबसे अधिक स्टोर हैं।

सीएलएसए ने रिपोर्ट में कहा कि फटाफट सामान पहुंचाने वाली कंपनियां मौजूदा बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के साथ-साथ चुनिंदा नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही हैं। इस विस्तार में ब्लिंकिट अब भी सबसे आगे है। नए बाजारों में कंपनियां स्थानीय मांग और कारोबार की व्यावहारिकता को परखने के लिए अपेक्षाकृत कम संख्या में छोटे गोदाम खोल रही हैं और उसके बाद विस्तार कर रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘उभरती कंपनियां उन क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रही हैं जहां मौजूदा बड़ी कंपनियों की पहुंच कम है। उनका लक्ष्य शुरुआती दौर में बाजार में जगह बनाकर बढ़त हासिल करना है।’’

सीएलएसए ने कहा, ‘‘शीर्ष 10 शहरों में फ्लिपकार्ट मिनट्स छोटे गोदामों की संख्या और पिनकोड दायरा, दोनों मामलों में स्विगी इंस्टामार्ट से आगे निकल चुकी है।’’

बेंगलुरु इस सूची में सबसे बड़ा त्वरित-वाणिज्य यानी फटाफट समान पहुंचाने की सुविधा वाला बाजार है। वहां इन मंचों के कुल 735 स्टोर हैं। वहां ब्लिंकिट के 180 स्टोर हैं, जबकि जेप्टो के 177, स्विगी इंस्टामार्ट के 143 और फ्लिपकार्ट मिनट्स के 119 स्टोर हैं।

इसके बाद दिल्ली का स्थान है, जहां कुल 531 स्टोर हैं। यहां ब्लिंकिट 188 स्टोर के साथ काफी आगे है। जेप्टो के 112, फ्लिपकार्ट मिनट्स के 102 और स्विगी के 69 स्टोर हैं।

कोलकाता जैसे बाजारों में फ्लिपकार्ट मिनट्स की बढ़त और अधिक स्पष्ट है। यहां उसके 72 स्टोर हैं, जबकि स्विगी के 35 स्टोर हैं। दिल्ली में दोनों के क्रमश: 102 और 69 तथा मुंबई में 67 और 62 स्टोर हैं।

हालांकि, स्विगी भी अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। व्यापक विश्लेषण के अनुसार, पिछले एक महीने में शीर्ष तीन कंपनियों में स्विगी ने इन 10 शहरों में सबसे अधिक नए स्टोर जोड़े हैं। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी मौजूदा बाजारों में अपने नेटवर्क को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

सबसे बड़े शहरों से बाहर त्वरित-वाणिज्य बाजार अधिक बंटा हुआ है। शीर्ष 10 शहरों में ब्लिंकिट के सबसे ज्यादा 969 स्टोर हैं, जबकि 828 स्टोर के साथ जेप्टो दूसरे स्थान पर है। वहीं, फ्लिपकार्ट मिनट्स का इस मामले में स्विगी से आगे निकलना बताता है कि कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा काफी करीबी हो गई है।

आंकड़े यह भी बताते हैं कि केवल किसी शहर में मौजूदगी से अधिक महत्वपूर्ण स्टोर का घनत्व है। बड़ा नेटवर्क कंपनियों को सामान ग्राहकों के करीब रखने में मदद करता है, जिससे तेज आपूर्ति, अधिक उत्पाद विकल्प और परिवहन ढांचे का बेहतर इस्तेमाल संभव हो सकता है।

नए खिलाड़ी स्थापित बाजारों से आगे बढ़कर ऐसे पिनकोड और छोटे शहरों पर भी ध्यान दे रहे हैं जहां बड़ी कंपनियों की पहुंच अभी सीमित है। इसका उद्देश्य पुरानी कंपनियों के पहुंचने से पहले ग्राहक आधार तैयार करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, भौगोलिक पहुंच के मामले में ब्लिंकिट अब भी सबसे मजबूत स्थिति में है। शीर्ष 10 शहरों के बाहर भी उसका नेटवर्क काफी व्यापक है और वह 180 से अधिक शहरों में विशेष मौजूदगी बनाए हुए है। इससे देश के बड़े शहरी केंद्रों के अलावा अन्य शहरों में त्वरित-वाणिज्य के विस्तार के दौरान उसे शुरुआती बढ़त मिल सकती है।

भाषा रमण अजय

अजय


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