नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) देश के सात बड़े शहरों में विदेशी कंपनियों ने पिछले पांच वर्ष में वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने के लिए 10.1 करोड़ वर्ग फुट प्रमुख कार्यालय स्थान किराये पर लिया है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कॉलियर्स इंडिया ने यह जानकारी दी।
कॉलियर्स इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, 2020-25 के दौरान बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसे सात प्रमुख शहरों में पट्टे पर कार्यालय की कुल मांग 28.02 करोड़ वर्ग फुट रही।
इसमें से 10.1 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र विदेशी कंपनियों द्वारा जीसीसी स्थापित करने के लिए लिया गया जो इन शहरों में कुल कार्यस्थल मांग का 36 प्रतिशत है।
इसमें सबसे आगे अमेरिका आधारित कंपनियां रहीं जिन्होंने पिछले पांच वर्ष में जीसीसी स्थापित करने के लिए 7.1 करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्थान लिया।
कॉलियर्स ने कहा, ‘‘ हाल के वर्षों में भारत का कार्यालय बाजार उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है जहां वैश्विक महामारी के बाद लगातार मांग बढ़ी है। इस विस्तार में जीसीसी की प्रमुख भूमिका रही है, जो अब केवल लागत-कटौती केंद्र नहीं रह गए हैं बल्कि नवाचार-आधारित, वैश्विक रूप से एकीकृत ज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र बन चुके हैं।’’
कॉलियर्स इंडिया में प्रबंध निदेशक (कार्यालय सेवा) अर्पित मेहरोत्रा ने अनुमान जताया कि विदेशी कंपनियां जीसीसी की स्थापना के लिए प्रतिवर्ष 3.5 से चार करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्थान पट्टे पर ले सकती हैं।
पिछले कैलेंडर वर्ष 2025 में विदेशी कंपनियों ने इन सात शहरों में 2.92 करोड़ वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर लिया, जो 7.15 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र की कुल मांग का 41 प्रतिशत है।
सलाहकार ने अनुमान जताया कि आने वाले वर्ष में कुल मांग में जीसीसी की हिस्सेदारी 40-50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
भाषा निहारिका अजय
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