Form 121 For EPF Member: टैक्स बचाने का नया फॉर्मूला! EPF सदस्यों के लिए आया Form 121, लेकिन हर किसी के लिए नहीं! जानिए कौन भर सकता है और कौन नहीं?

Form 121 For EPF Member: EPF मेंबर्स के लिए 1 अप्रैल 2026 से नया Form 121 लागू हो गया है, जो अब 15G और 15H की जगह इस्तेमाल होगा। यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनकी टैक्सी देनदारी शून्य है। इसका उद्देश्य TDS कटौती से बचना और आसान टैक्स प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

Form 121 For EPF Member: टैक्स बचाने का नया फॉर्मूला! EPF सदस्यों के लिए आया Form 121, लेकिन हर किसी के लिए नहीं! जानिए कौन भर सकता है और कौन नहीं?

(Form 121 For EPF Member/ Image Credit: Facebook)

Modified Date: April 16, 2026 / 11:39 am IST
Published Date: April 16, 2026 11:30 am IST
HIGHLIGHTS
  • 1 अप्रैल 2026 से Form 15G और 15H की जगह Form 121 लागू।
  • EPFO और इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव।
  • एक ही फॉर्म से TDS से राहत पाने की सुविधा।

नई दिल्ली: Form 121 For EPF Member: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक अहम बदलाव किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने साफ किया है कि अब पुराने Form 15G और Form 15H की जगह नया Form 121 इस्तेमाल किया जाएगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, जो नए Income Tax Act 2025 के तहत लाया गया है।

अब 15G और 15H की जगह एक ही Form 121

पहले अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए दो फॉर्म 60 साल से कम उम्र के लिए Form 15G और वरिष्ठ नागरिकों के लिए Form 15H होते थे। अब इन दोनों की जगह केवल एक ही Form 121 लागू कर दिया गया है। इसका मकसद प्रक्रिया को सरल बनाना और एक समान सिस्टम लागू करना है।

किसे भरना होगा Form 121?

यह फॉर्म सभी लोगों के लिए जरूरी नहीं है। इसे वे व्यक्ति भर सकते हैं जिनकी अनुमानित वार्षिक आय टैक्स के दायरे में नहीं आती और जिनकी टैक्स देनदारी शून्य है। इसमें भारत में रहने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) शामिल हैं। ऐसे लोग इस फॉर्म के जरिए TDS कटौती से बच सकते हैं।

कौन नहीं भर सकता यह फॉर्म?

बता दें कि, Form 121 सभी पर लागू नहीं होता। कंपनियां और फर्म इस फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते। इसके अलावा गैर-निवासी भारतीय (NRI) भी इसके दायरे में नहीं आते। यह फॉर्म केवल पात्र व्यक्तिगत करदाताओं और HUF के लिए ही मान्य है।

नया सिस्टम और इसके फायदे

Form 121 एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है। जिसमें व्यक्ति यह घोषित करता है कि उसकी आय टैक्स लिमिट से कम है। इसके बाद बैंक या EPFO TDS नहीं काटता। हर फॉर्म के साथ एक यूनिक आईडी नंबर (UIN) भी मिलेगा। नया सिस्टम पहले से ज्यादा आसान, डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है, जिससे जानकारी ऑटो-फिल और वेरिफिकेशन जल्दी हो सकेगा।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।