दाइची मामले में फॉरेंसिक ऑडिट आदेश के खिलाफ फोर्टिस हेल्थकेयर पहुंची उच्चतम न्यायालय

दाइची मामले में फॉरेंसिक ऑडिट आदेश के खिलाफ फोर्टिस हेल्थकेयर पहुंची उच्चतम न्यायालय

दाइची मामले में फॉरेंसिक ऑडिट आदेश के खिलाफ फोर्टिस हेल्थकेयर पहुंची उच्चतम न्यायालय
Modified Date: September 16, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: September 16, 2026 9:56 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड ने दाइची सैंक्यो मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।

कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि उसने बुधवार को शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है।

यह याचिका ‘दाइची सैंक्यो कंपनी लिमिटेड बनाम मलविंदर मोहन सिंह एवं अन्य से जुड़े मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के 31 अगस्त, 2026 को दिए गए आदेश के खिलाफ दायर की गई है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जापानी दवा कंपनी दाइची सैंक्यो के पक्ष में पारित 3,500 करोड़ रुपये के मध्यस्थता पंचाट निर्णय से जुड़े शेयर लेनदेन की जांच के लिए एक फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया था। यह मामला फोर्टिस के पूर्व प्रवर्तकों मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह से जुड़ा है।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि फॉरेंसिक ऑडिट का मकसद घटनाक्रम की पूरी कड़ी की पहचान और पुनर्निर्माण करना है, ताकि अदालत उन व्यक्तियों और कंपनियों की पहचान कर सके जो शेयरों के हस्तांतरण में शामिल थे।

अदालत ने फॉरेंसिक ऑडिट के लिए एस. रामानंद अय्यर एंड कंपनी को नियुक्त किया था और छह महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था।

उच्च न्यायालय ने 213 पृष्ठ के अपने फैसले में दाइची की उस अर्जी को मंजूर किया, जिसमें फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड (एफएचएल), सिंह बंधुओं और अन्य के बीच हुए लेनदेन की जांच के लिए फॉरेंसिक ऑडिटर नियुक्त करने की अपील की गई थी।

भाषा

यासिर अजय

अजय


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