No Petrol on Old Vehicle: 15 दिन बाद इन गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल.. ANPR कैमरे से होगी जगह-जगह निगरानी! इस वजह से यहां की सरकार ने लिया बड़ा फैसला

15 दिन बाद इन गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल.. ANPR कैमरे से होगी जगह-जगह निगरानी! No Petrol on Old Vehicle From 01 October 2026

No Petrol on Old Vehicle: 15 दिन बाद इन गाड़ियों को नहीं मिलेगा पेट्रोल.. ANPR कैमरे से होगी जगह-जगह निगरानी! इस वजह से यहां की सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Petrol Price Hike Latest Update/Image Credit: File

Modified Date: September 16, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: September 16, 2026 8:43 pm IST

चंडीगढ़। No Petrol on Old Vehicle हरियाणा में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक अक्टूबर 2026 से पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल नहीं देने की व्यवस्था लागू होने जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों के तहत यह व्यवस्था राज्य के एनसीआर क्षेत्र में शामिल गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जिलों में लागू होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसके लिए जरूरी तकनीकी इंतजामों को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत 15 साल से पुरानी पेट्रोल और 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों की पेट्रोल पंप पर पहचान की जाएगी। निर्धारित उम्र पूरी कर चुके वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पुरानी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित करना है।

नंबर प्लेट स्कैन कर होगी पहचान

No Petrol on Old Vehicle परिवहन विभाग पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाएगा। पहले चरण में एनसीआर के चार जिलों में 775 कैमरे लगाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए 41.74 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट कैमरे स्कैन करेंगे। सिस्टम नंबर का मिलान एंड-ऑफ-लाइफ वाहनों के रिकॉर्ड से करेगा। प्रतिबंधित वाहन मिलने पर अलर्ट जारी होगा और पंप संचालक उसे ईंधन देने से रोक सकेगा। फिलहाल यह व्यवस्था एनसीआर के चार जिलों से शुरू होगी। सरकार की योजना आगे चलकर पूरे हरियाणा में इसका विस्तार करने की है। इसके लिए राज्यभर में करीब 2,780 एएनपीआर कैमरों की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।