बड़े यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगने से पेटीएम का राजस्व, मुनाफा बढ़ेगाः सीईओ
बड़े यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगने से पेटीएम का राजस्व, मुनाफा बढ़ेगाः सीईओ
नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) डिजिटल भुगतान मंच पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय शेखर शर्मा ने बुधवार को कहा कि बड़े मूल्य के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू होने से कंपनी के राजस्व और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी।
शर्मा ने कंपनी की 26वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि इस शुल्क व्यवस्था के आने से व्यापारियों को जोड़ने में अधिक निवेश कर पाने में मदद मिलेगी और कंपनी को प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त हासिल होगी।
सरकार ने 15 अक्टूबर से कारोबारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू किया है। वहीं, 75,000 रुपये या इससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन और छोटे भुगतान को शुल्क से बाहर रखा गया है।
शर्मा ने कहा कि वित्तीय-प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कारोबार पिछले 10 वर्षों में परिपक्व हुआ है और अब कंपनी का लक्ष्य इस कारोबार से मुक्त नकदी प्रवाह पैदा करना तथा भविष्य के विकास में निवेश करना है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने पहली बार पूरे वित्त वर्ष के लिए मुनाफा दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि कंपनी अपना कृत्रिम मेधा (एआई) टूल विकसित कर रही है जिससे उसे क्षेत्र में बढ़त मिलेगी। कंपनी के अपने एआई आधारित कारोबारी मॉडल और सेवाओं का परीक्षण चल रहा है तथा कुछ उद्यम एवं कारोबारी ग्राहकों के साथ इनका पायलट परीक्षण किया जा रहा है।
शर्मा ने कहा कि पेटीएम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रही है, लेकिन कंपनी वहां जल्दबाजी में बड़ी मात्रा में पूंजी नहीं लगाएगी। उन्होंने कहा कि लाभदायक वृद्धि से उत्पन्न आंतरिक संसाधनों से एआई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में परिचालन को वित्तपोषित करने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि कंपनी अभी वृद्धि के चरण में है और निकट भविष्य में लाभांश देने की कोई योजना नहीं है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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