एफआरएल-रिलायंस सौदा: न्यायाधीश ने सुनवाई से अलग होने की पेशकश की, पक्षों ने कहा कोई आपत्ति नहीं

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एफआरएल-रिलायंस सौदा: न्यायाधीश ने सुनवाई से अलग होने की पेशकश की, पक्षों ने कहा कोई आपत्ति नहीं

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  • Publish Date - November 11, 2021 / 08:06 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:58 PM IST

नयी दिल्ली, 11 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश हिमा कोहली ने अमेजन-फ्यूचर रिटेल मामले में दायर की गई याचिकाओं की सुनवाई कर रही एक खंडपीठ से खुद को अलग करने की बृहस्पतिवार को पेशकश करते हुए कहा कि उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर हैं, जो इस मुकदमे से जुड़ा एक पक्ष है।

न्यायमूर्ति कोहली की इस पेशकश पर अमेरिका स्थित ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन, फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) और फ्यूचर कूपन प्राइवेट लिमिटेड (एफसीपीएल) सहित संबंधित पक्षों के वकीलों ने कहा, ‘‘हमें कोई आपत्ति नहीं है।’’

मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में शामिल न्यायमूर्ति कोहली ने कहा, ‘‘मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कुछ शेयर हैं और अगर आपको इससे कोई समस्या है, तो मैं इस मामले से अलग हो जाऊंगी।’’ खंडपीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना भी शामिल है।

खंडपीठ ने इसके बाद संबंधित पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं और प्रति-याचिकाओं पर संक्षेप में सुनवाई की और मामले को अंतिम सुनवाई के लिए 23 नवंबर को सूचीबद्ध किया।

गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा शाखा के हाथ में फ्यूचर रिटेल के खुदरा, थोक, रसद और वेयरहाउसिंग संपत्तियों की 24,713 करोड़ रुपये की बिक्री को रोकने की कोशिश कर रहे अमेजन ने आरोप लगाया है कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) और फ्यूचर के बीच यह सौदा, 2019 में किशोर बियानी के नेतृत्व वाली कंपनी के साथ हुए उसके अपने सौदे का उल्लंघन करता है।

भाषा पाण्डेय प्रेम