नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने शनिवार को कहा कि उसने त्वरित आपूर्ति मंच स्विगी इंस्टामार्ट को नौ नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई मंच के जरिए सड़े-गले और उपयोग अवधि समाप्त हो चुके खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों पर की गई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उल्लंघन की शिकायतें मिलने के बाद स्विगी इंस्टामार्ट को नौ नोटिस जारी किए हैं।
खाद्य नियामक ने कहा कि उपभोक्ताओं ने स्विगी इंस्टामार्ट के माध्यम से उपयोग अवधि समाप्त हो चुके (एक्सपायर), खराब, दूषित और अन्य असुरक्षित खाद्य उत्पादों की आपूर्ति की शिकायतें की हैं।
एफएसएसएआई ने मंच को विस्तृत स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर उचित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
स्विगी इंस्टामार्ट, ऑनलाइन खाद्य आपूर्ति कंपनी स्विगी का त्वरित आपूर्ति मंच है।
एफएसएसएआई ने शिकायतों का ब्योरा देते हुए कहा, ‘एक शिशु खाद्य उत्पाद के अत्यधिक खराब और असुरक्षित स्थिति में पाए जाने की शिकायत मिली थी। इसके दूषित होने और अनुचित भंडारण एवं रखरखाव के संकेत मिले थे। उस उत्पाद को लौटाए जाने के बाद भी कथित तौर पर ग्राहक के पास दोबारा भेज दिया गया।’
शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए खराब अंडे और दूध के साथ क्षतिग्रस्त डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों की भी आपूर्ति की गई।
एफएसएसएआई के मुताबिक, जांच में यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर गलत, अमान्य या मौजूद ही नहीं थे। इसके अलावा, खाद्य व्यवसायों को कथित तौर पर उन नामों से अलग नामों के तहत सूचीबद्ध किया गया था जो उनके एफएसएसएआई पंजीकरण में दर्ज हैं।
नियामक ने कहा, ‘कुछ शिकायतों में आरोप लगाया गया कि मामला आगे बढ़ाए जाने के बाद भी कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया, शिकायत निवारण या सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। वहीं एक शिकायत में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा चिंताओं को दूर किए बिना केवल पैसे वापस करने की पेशकश की गई।’
एफएसएसएआई के अनुसार, इन नोटिसों में विक्रेताओं को मंच के साथ जोड़ने (ऑनबोर्डिंग), अनुपालन सत्यापन, खाद्य गुणवत्ता की निगरानी, उपभोक्ता शिकायत निवारण और खाद्य सुरक्षा प्रणालियों की पर्याप्तता को लेकर गंभीर चिंताएं उठाई गई हैं।
भाषा योगेश प्रेम
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