भारतीय रियल एस्टेट में पूरी पारदर्शिता, लगातार निवेश की जरूरत: यूपी-रेरा चेयरमैन

भारतीय रियल एस्टेट में पूरी पारदर्शिता, लगातार निवेश की जरूरत: यूपी-रेरा चेयरमैन

भारतीय रियल एस्टेट में पूरी पारदर्शिता, लगातार निवेश की जरूरत: यूपी-रेरा चेयरमैन
Modified Date: July 10, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: July 10, 2026 10:05 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी-रेरा) के चेयरमैन संजय आर भूसरेड्डी ने शुक्रवार को भारतीय रियल एस्टेट बाजार में पूरी पारदर्शिता लाने की जरूरत बतायी।

उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्यों के लिए जरूरी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।

रियल्टी एंड मोर पत्रिका की ओर से आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भूसरेड्डी ने कहा, ‘हम यहां नियमन के लिए हैं, नियंत्रण के लिए नहीं। हमारा काम घर खरीदारों और परियोजना प्रवर्तकों के हितों के बीच संतुलन बनाना है।’

उन्होंने कहा कि देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की मांग में भारी वृद्धि हो रही है। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को इस क्षेत्र के विकास को सुनिश्चित करना चाहिए।

भूसरेड्डी ने रियल एस्टेट उद्योग संगठनों से क्षेत्र में हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ से नौ प्रतिशत का योगदान देता है और 125 से अधिक सहायक उद्योगों को समर्थन देता है।

उन्होंने बताया कि परियोजनाओं के विकास के लिए निवेश का प्रवाह जारी रहना चाहिए।

साथ ही भूसरेड्डी ने कहा कि नियामक प्राधिकरण की भूमिका क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण है।

उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए भूसरेड्डी ने कहा कि वर्ष 2025 में रेरा के तहत राज्य में 308 परियोजनाओं का पंजीकरण किया गया।

उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं का औसत आकार 333 इकाइयों का है।

भूसरेड्डी ने कहा कि परियोजनाओं के बड़े आकार के कारण उत्तर प्रदेश में देश के सभी राज्यों में रेरा से जुड़ी कुल उपभोक्ता शिकायतों का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है।

उन्होंने ने कहा, ‘प्रवर्तकों, रियल एस्टेट एजेंटों, सभी संबंधित पक्षों और घर खरीदारों की मदद से हम काफी आगे बढ़े हैं।’

भाषा योगेश रमण

रमण


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