MP Nashe Se Doori Hai Zaroori 2.0 Campaign : 15 जुलाई से पूरे MP में शुरू होगा ये बड़ा अभियान! युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सरकार ने जारी की बड़ी गाइडलाइन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 से 30 जुलाई तक पूरे मध्यप्रदेश में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान चलाने का ऐलान किया है। सरकार इसे जनजागरूकता का बड़ा अभियान बता रही है, जबकि कांग्रेस ने इसकी मंशा और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं।

MP Nashe Se Doori Hai Zaroori 2.0 Campaign : 15 जुलाई से पूरे MP में शुरू होगा ये बड़ा अभियान! युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सरकार ने जारी की बड़ी गाइडलाइन

MP Nashe Se Doori Hai Zaroori 2.0 Campaign

Modified Date: July 10, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: July 10, 2026 7:10 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए सरकार की नई पहल।
  • शैक्षणिक संस्थानों में भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान।
  • अभियान को लेकर सरका र और विपक्ष आमने-सामने।

भोपाल : MP Nashe Se Doori Hai Zaroori 2.0 Campaignमध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ अब एक बड़ा जन अभियान शुरू होने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दोहराते हुए युवाओं से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि 15 से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जाएगा। हालांकि, इस अभियान को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है,विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है।

15 से 30 जुलाई तक मनाया जायेगा नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0″ अभियान

नशे के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष 2029 तक भारत को पूर्णतः नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को लेकर मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि 15 से 30 जुलाई तक पूरे प्रदेश में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों, खासकर युवाओं से इस जन अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।

अब नशे के कारोबार के खिलाफ होगी कार्यवाही

मुख्यमंत्री ने अतिथि विद्वानों के सम्मेलन में भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी तरह अब नशे के कारोबार और इसके बढ़ते प्रभाव के खिलाफ भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाया सवाल

Mohan Yadav Statement Drug Free State सरकार के इस अभियान पर अब सियासत भी तेज हो गई है,कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश का बड़ा राजस्व शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री से आता है। ऐसे में यदि सरकार वास्तव में नशामुक्त प्रदेश चाहती है, तो उसे सबसे पहले शराब और नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए।

“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” कितना असर छोड़ता है ?

सरकार का दावा है उसका उद्देश्य सिर्फ नशे की रोकथाम नहीं, बल्कि जन जागरूकता के माध्यम से समाज को इस बुराई से मुक्त करना है,लेकिन बड़ा सवाल यही है कि शराब, नशीले पदार्थों और ड्रग्स के खुले कारोबार पर सख्त कार्रवाई के बिना क्या यह अभियान अपने लक्ष्य तक पहुंच पाएगा? अब नजर इस बात पर होगी कि “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान प्रदेशभर में कितना असर छोड़ता है और नशा मुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प को कितनी मजबूती देता है।

ये भी पढ़ें : 

 


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.