गोवा सरकार की नई श्रमिक कल्याण योजनाओं का उद्योग एवं श्रमिक संगठनों ने किया स्वागत

गोवा सरकार की नई श्रमिक कल्याण योजनाओं का उद्योग एवं श्रमिक संगठनों ने किया स्वागत

गोवा सरकार की नई श्रमिक कल्याण योजनाओं का उद्योग एवं श्रमिक संगठनों ने किया स्वागत
Modified Date: May 12, 2026 / 10:27 am IST
Published Date: May 12, 2026 10:27 am IST

पणजी, 12 मई (भाषा) गोवा में श्रमिक संगठनों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का स्वागत किया और इसे ‘‘कार्यबल को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम’’ करार दिया है।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक मई को आयोजित कार्यक्रम में श्रमिक वर्ग को ‘‘गोवा की अर्थव्यवस्था की रीढ़’’ बताया था और उनके लिए कई उपायों की घोषणा की। इनमें मृत श्रमिकों के परिवारों को 50,000 रुपये का मुआवजा और कार्यस्थल पर घायल श्रमिकों को 25,000 रुपये की सहायता शामिल है।

उन्होंने डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण, श्रमिकों के बुजुर्ग माता-पिता के लिए चिकित्सकीय सहायता, बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना बीमा जैसी पहल शुरू की।

सरकार ने 20 श्रमिकों को श्रम गौरव श्रमिक मित्र पुरस्कार से सम्मानित भी किया।

राज्य सरकार के अनुसार, निजी कंपनियों का प्रबंधन या स्वयं श्रमिक, 20 वर्ष से अधिक सेवा का प्रमाण प्रस्तुत कर श्रम कल्याण विभाग में आवेदन कर 15,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 1.4 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकरण करा चुके हैं।

गोवा स्थित वीजय फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एशले लाजरूस डायस ने इन पहलों का स्वागत करते हुए कहा कि ये घोषणाएं कार्यबल को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

डायस ने कहा, ‘‘ डिजिटल कौशल अब वैकल्पिक नहीं बल्कि आज की प्रौद्योगिकी-आधारित दुनिया में आवश्यक हैं।’’

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रशिक्षण के लिए पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति का निर्णय श्रमिकों की रोजगार क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

श्रमिक नेता पुटी गांवकर ने भी इन उपायों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री सावंत का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि कुछ पहल विशेष रूप से लाभकारी होंगी, जैसे उत्कृष्ट कार्य के लिए 15,000 रुपये का प्रोत्साहन, गंभीर बीमारी के दौरान एकमुश्त वित्तीय सहायता और एमबीबीएस व इंजीनियरिंग जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता।

उन्होंने कहा कि कई श्रमिक वर्तमान में चिकित्सा खर्च के लिए भविष्य निधि ऋण पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में सरकारी सहायता स्वास्थ्य आपात स्थिति में उनका बोझ कम करेगी।

विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों ने भी इन पहलों पर खुशी जताई और आजीविका तथा पारिवारिक सुरक्षा में सुधार के उद्देश्य से उठाए गए इन कदमों के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया है।

भाषा निहारिका

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