CG Samvida Employee News Today: संविदा कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानकर खुशी से झूमने लगेंगे कर्मचारी, कहेंगे- खुल गया किस्मत का ताला

CG Samvida Employee News Today: संविदा कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानकर खुशी से झूमने लगेंगे कर्मचारी, कहेंगे- खुल गया किस्मत का ताला

CG Samvida Employee News Today: संविदा कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानकर खुशी से झूमने लगेंगे कर्मचारी, कहेंगे- खुल गया किस्मत का ताला

CG Samvida Employee News Today: संविदा कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानकर खुशी से झूमने लगेंगे कर्मचारी, कहेंगे- खुल गया किस्मत का ताला / Image: AI Generated

Modified Date: May 12, 2026 / 10:53 am IST
Published Date: May 12, 2026 10:53 am IST
HIGHLIGHTS
  • कर्मचारियों को नियमित पद के अनुसार वेतन देने का निर्देश
  • 2008 से कर्मचारियों का नियमितीकरण प्रभावी माना जाएगा
  • पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है

बिलासपुर: CG Samvida Employee News Today छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी से जुड़े कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतन भुगतान मामले में एक अहम टिप्पणी करते हुए यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को जल्द नियमित पद के अनुरूप वेतन भुगतान देने का निर्देश जारी किया है।

संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

CG Samvida Employee News Today दरअसल यह मामला लंबे समय से चल रहे नियमितीकरण विवाद और अदालत के आदेशों के पालन नहीं होने से जुड़ी अवमानना याचिका का है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2023 में पारित आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय अब तक कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी का पूरा लाभ नहीं दे रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि हाईकोर्ट ने 6 मार्च 2023 को पारित आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी माना जाएगा तथा उनकी सेवाओं का नियमितीकरण 26 अगस्त 2008 से प्रभावी माना जाएगा और उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह ही सभी लाभ दिए जाने थे।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका

बताया गया कि विश्वविद्यालय की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) और पुनर्विचार याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है, इसके बावजूद आदेश का पूर्ण पालन नहीं किया गया। मामले में विश्वविद्यालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कर्मचारियों का नियमितीकरण कर दिया गया है, लेकिन कुछ दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अभी बाकी है।

विश्वविद्यालय ने किया नियमितीकरण का दावा

वहीं, विश्वविद्यालय ने दावा किया कि कर्मचारियों से आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन वे उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे लाभ देने में देरी हो रही है। इसके जवाब में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने कहा कि संबंधित आदेश और पत्राचार कर्मचारियों को उपलब्ध ही नहीं कराया गया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय भले नियमितीकरण का दावा कर रहा हो, लेकिन अब तक कर्मचारियों को नियमित पद का वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस पर विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी कर ली जाएगी और जो कर्मचारी नियमित पद पर कार्यरत हैं, उन्हें नियमित पद के अनुसार वेतन दिया जाएगा।

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