चालू वित्त वर्ष के अंत तक स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार होगा: इंडियन बैंक एमडी

चालू वित्त वर्ष के अंत तक स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार होगा: इंडियन बैंक एमडी

चालू वित्त वर्ष के अंत तक स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार होगा: इंडियन बैंक एमडी
Modified Date: August 23, 2026 / 02:19 pm IST
Published Date: August 23, 2026 2:19 pm IST

चेन्नई, 23 अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक को उम्मीद है कि उत्पाद की मजबूत मांग के कारण उसका स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो चालू वित्त वर्ष में 1.5 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाएगा।

इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बिनोद कुमार ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा, ‘‘स्वर्ण ऋण (गोल्ड लोन) बैंकों के लिए सुरक्षित कर्ज है। यह उपभोग के लिए लिया जाने वाला कर्ज नहीं है, बल्कि मुख्य रूप से आय बढ़ाने और छोटे कारोबार को बढ़ाने में मदद करता है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में सोने की कीमतों में तेजी के कारण इस खंड में 30 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है क्योंकि सोने की कीमतों में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।

कुमार ने कहा कि इस साल स्वर्ण ऋण खंड में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल बैंक का स्वर्ण ऋण पोर्टफोलियो करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का है और अनुमानित वृद्धि दर के अनुसार चालू वित्त वर्ष में यह 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाना चाहिए।

कुमार ने बताया कि बैंक के कुल ऋण पोर्टफोलियो में खुदरा, कृषि और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) यानी (आरएएम) खंड की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत है, जबकि शेष 35 प्रतिशत ऋण कॉरपोरेट क्षेत्र को दिया गया है।

उन्होंने कहा कि बैंक आगे भी इस अनुपात को बनाए रखना चाहता है क्योंकि आरएएम खंड में वृद्धि की काफी संभावनाएं हैं। कृषि और एमएसएमई क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने के लिए काफी अवसर हैं।

देनदारी के बारे में कुमार ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक की चालू खाता बचत खाता (कासा) जमा में 15.30 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस दौरान बचत जमा 13.54 प्रतिशत और चालू खाता जमा 26.33 प्रतिशत बढ़ा।

उन्होंने कहा कि बैंक के कम लागत वाले कासा जमा की कुल जमा में हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।

कुमार ने कहा, ‘‘कासा हमारे लिए अब भी चुनौती है, लेकिन कर्मचारियों के सहयोग से हमें इसमें प्रगति बनाए रखने की उम्मीद है। एक उत्साहजनक बात शाखाओं की बढ़ती भागीदारी है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले साल इसी अवधि में केवल 25-27 प्रतिशत शाखाएं अपने लक्ष्य हासिल कर पाई थीं, जबकि इस तिमाही में 51 प्रतिशत शाखाओं ने अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। यह अच्छा संकेत है कि शाखाएं अब अधिक सक्रियता से भाग ले रही हैं।

इंडियन बैंक ने अपनी गिफ्ट सिटी शाखा के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को चार साल की अवधि के बॉन्ड जारी कर 40 करोड़ डॉलर जुटाए हैं। बैंक ने ये बॉन्ड 18 अगस्त को जारी किए थे।

भाषा

योगेश अजय

अजय


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