यूरिया के आयात के लिए एनएफएल की निविदा को अंतिम रूप दे रही है सरकार
यूरिया के आयात के लिए एनएफएल की निविदा को अंतिम रूप दे रही है सरकार
नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) सरकार ने सोमवार को कहा कि वह घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए 17 लाख टन यूरिया के आयात को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। सरकार ने कहा कि उसे खरीफ की बुवाई के मौजूदा सत्र के लिए उर्वरकों की उपलब्धता में कोई बड़ी चुनौती नहीं दिख रही है।
पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी विवरण में, उर्वरक विभाग की संयुक्त सचिव वंदना प्रेयशी ने कहा, ‘‘देश में उर्वरकों का कुल स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है।’’
उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय ने मौजूदा खरीफ (गर्मी में बोई जाने वाली फसल) सत्र के लिए उर्वरक की जरूरतों का फिर से आकलन किया है और इसे 383.9 लाख टन आंका है।
प्रेयशी ने कहा कि इस अनुमानित मांग के मुकाबले, आज की तारीख में स्टॉक 196.65 लाख टन है, जो सामान्य स्तर से लगभग 33 प्रतिशत अधिक है। किसान पहले ही खरीद कर चुके हैं।
संयुक्त सचिव ने कहा, ‘‘यह सरकार की बेहतर योजना, पहले से स्टॉक करने और कुशल लॉजिस्टिक प्रबंधन को दर्शाता है।’’
बिक्री के मोर्चे पर, प्रेयशी ने कहा कि किसानों ने मौजूदा खरीफ सत्र में पहले ही 102.78 लाख टन रासायनिक उर्वरक खरीद लिए हैं, जो कुल जरूरत का लगभग 37 प्रतिशत है।
प्रेयशी ने कहा कि संकट के इस दौर में, देश ने 50 लाख टन से अधिक यूरिया और पी एंड के (फॉस्फेटिक और पोटासिक) उर्वरक हासिल कर लिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी संस्था ने 17 लाख टन यूरिया आयात करने के लिए निविदा जारी की है और वह इसे ‘अंतिम रूप देने की प्रक्रिया’ में है।
सरकारी कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल), जिसने हाल ही में 17 लाख टन यूरिया आयात करने के लिए निविदा जारी की थी, को वैश्विक कारोबारी कंपनियों से 60 लाख टन से अधिक के लिए बोलियां मिली हैं, जिसमें सबसे कम दर लगभग 445 डॉलर प्रति टन है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

Facebook


