सरकार ने धान का एमएसपी 72 रुपये बढ़ाया, सूरजमुखी बीज में सर्वाधिक 622 रुपये की वृद्धि
सरकार ने धान का एमएसपी 72 रुपये बढ़ाया, सूरजमुखी बीज में सर्वाधिक 622 रुपये की वृद्धि
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) केंद्र सरकार ने बुधवार को खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया।
इसके साथ सरकार ने दलहन, तिलहन और कपास के एमएसपी में भी बढ़ोतरी का फैसला किया। आयात पर निर्भरता घटाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए इन फसलों के एमएसपी में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में बुवाई शुरू होने से पहले 14 खरीफ फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी गई।
खरीफ फसलों की बुवाई आमतौर पर जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ शुरू होती है।
इस फैसले के तहत, खरीफ सत्र के धान की सामान्य और ए-ग्रेड किस्मों का एमएसपी क्रमशः 2,441 रुपये और 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
कपास के एमएसपी में भी सरकार ने अच्छी बढ़ोतरी की है। मध्यम लंबाई के रेशों वाली मीडियम स्टेपल कपास का एमएसपी 557 रुपये बढ़ाकर 8,267 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि लंबे और बेहतर गुणवत्ता वाले रेशों वाली लॉन्ग स्टेपल कपास का एमएसपी 8,667 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह सभी फसलों में दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
सबसे ज्यादा मूल्य वृद्धि सूरजमुखी बीज के एमएसपी में 622 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है, जिससे इसका एमएसपी बढ़कर 8,343 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
इसके अलावा रामतिल (नाइजरसीड) का एमएसपी 515 रुपये बढ़ाकर 10,052 रुपये और तिल का 500 रुपये बढ़ाकर 10,346 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
अन्य तिलहनों में सोयाबीन (पीला) का एमएसपी 380 रुपये बढ़ाकर 5,708 रुपये और मूंगफली का 254 रुपये बढ़ाकर 7,517 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
दलहनों में अरहर (तूर) का एमएसपी 450 रुपये बढ़ाकर 8,450 रुपये, उड़द का 400 रुपये बढ़ाकर 8,200 रुपये और मूंग का मामूली 12 रुपये बढ़ाकर 8,780 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
अनाज की अन्य फसलों में ज्वार (हाइब्रिड) का एमएसपी 324 रुपये बढ़ाकर 4,023 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाली मालदांडी किस्म का एमएसपी 4,073 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
बाजरा का एमएसपी 125 रुपये बढ़ाकर 2,900 रुपये, रागी का 319 रुपये बढ़ाकर 5,205 रुपये और मक्का का 10 रुपये बढ़ाकर 2,410 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि खरीफ सत्र की सभी 14 फसलों के लिए एमएसपी उत्पादन लागत से कम-से-कम 50 प्रतिशत अधिक तय किया गया है ताकि किसानों को लाभकारी मूल्य मिल सके।
अनुमान के मुताबिक, मूंग पर सबसे अधिक 61 प्रतिशत का मार्जिन मिलेगा जिसके बाद बाजरा एवं मक्का (56-56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) का स्थान है। बाकी फसलों के लिए यह मार्जिन 50 प्रतिशत रखा गया है।
सरकार ने किसानों को कुल भुगतान 2.60 लाख करोड़ रुपये रहने और वार्षिक खरीद 824.41 लाख टन होने का अनुमान जताया है।
इस बीच, भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने तिलहनों का एमएसपी बढ़ाए जाने का स्वागत करने के साथ ही कहा कि वैश्विक कीमतों, घरेलू फसल अर्थशास्त्र और महंगाई के अनुरूप आयात शुल्क ढांचे को स्थिर और लचीला बनाए रखने की जरूरत है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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