Raipur Bomb Case Update: छत्तीसगढ़ में खुद को बम से उड़ाने की तैयारी में था महापौर का साला! इस वजह उठाने जा रहा था आत्मघाती कदम, रावाभाठा बम कांड में बड़ा खुलासा

छत्तीसगढ़ में खुद को बम से उड़ाने की तैयारी में था महापौर का साला! इस वजह उठाने जा रहा था आत्मघाती कदम, Raipur Bomb Case Update

Raipur Bomb Case Update: छत्तीसगढ़ में खुद को बम से उड़ाने की तैयारी में था महापौर का साला! इस वजह उठाने जा रहा था आत्मघाती कदम, रावाभाठा बम कांड में बड़ा खुलासा
Modified Date: May 13, 2026 / 05:43 pm IST
Published Date: May 13, 2026 5:43 pm IST

रायपुर। Raipur Bomb Case Update: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रावाभाठा बम कांड मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले के आरोपी विनय देवांगन ने पूछताछ में बताया है कि वह खुद को बम से उड़ाने की तैयारी कर रहा था। वह पारिवारिक विवाद से काफी परेशान चल रहा था और मानसिक तनाव में था। इसके कारण वह आत्महत्या करने की योजना बना रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि विनय अपने घर से बस में एक बैग भरकर सामग्री लाया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैग में क्या-क्या सामान था और बम बनाने में किन सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया।

Raipur Bomb Case Update: बता दें कि कुछ दिन पहले रविशंकर शुक्ल वार्ड के रावाभाठा इलाके में मितानिन पुष्पा साहू का मकान है। पुष्पा साहू और उनके परिवार का बीरगांव निवासी विनय देवांगन से परिचय है। 6 मई की शाम विनय मितानिन के घर बैग लेकर पहुंचा था। उसने कहा कि वह बैग अभी कुछ समय के लिए यहां रख रहा है और बाद में ले जाएगा। इसके बाद वह वहां से चला गया। मितानिन को इस पर शक हुआ, तो उसने वार्ड पार्षद अश्वनी यादव को सूचना दी। वार्ड पार्षद स्थानीय रहवासियों के साथ मौके पर पहुंचे और बैग खोलकर जांच की। उसमें एयर गन और देसी बम बनाने का सामान मिला। इसके बाद पार्षद ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर नॉर्थ जोन के अधिकारी मौके पर और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंचे थे। बैग से बैटरी, वायर, एयरगन, दो बोतल कैमिकल और डेटोनेटर नुमा सामान बरामद किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामला सामने आने के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस ने उसे मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि आरोपी विनय देवांगन बीरगांव नगर निगम के महापौर नंदलाल देवांगन का साला है। मामले के खुलासे के समय यह जानकारी भी सामने आई थी कि विनय देवांगन और नंदलाल देवांगन के बीच संपति को लेकर विवाद चल रहा था।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।