कॉरपोरेट क्षेत्र का स्टार्टअप से जुड़ाव बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरतः डीपीआईआईटी सचिव

कॉरपोरेट क्षेत्र का स्टार्टअप से जुड़ाव बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरतः डीपीआईआईटी सचिव

कॉरपोरेट क्षेत्र का स्टार्टअप से जुड़ाव बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरतः डीपीआईआईटी सचिव
Modified Date: January 14, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: January 14, 2026 4:30 pm IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) सरकार उभरते उद्यमियों को बढ़ावा देने और देश में घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के उद्देश्य से कंपनियों को स्टार्टअप के साथ अपने जुड़ाव को बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने कहा कि स्टार्टअप फर्मों को उत्पादों के निर्माण में शामिल करने और उन्हें आपूर्ति शृंखला से जोड़ने से कंपनियों को विनिर्माण लागत घटाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में विभाग ने कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि कॉरपोरेट जगत को स्टार्टअप के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

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भाटिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हम कॉरपोरेट क्षेत्र को स्टार्टअप फर्मों के साथ अपने जुड़ाव को बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कंपनियां अपनी समस्याओं के समाधान का काम स्टार्टअप को आउटसोर्स कर सकती हैं।”

उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को पूरा कर पाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इस दिशा में काम जारी है।

भाटिया ने कहा कि 16 जनवरी को स्टार्टअप परिदृश्य पर केंद्रित ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ कार्यक्रम मनाया जाएगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

जनवरी 2016 में शुरू किए गए ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के तहत सरकार तीन प्रमुख योजनाएं- स्टार्टअप के लिए कोषों का कोष, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड यानी शुरुआती कोष योजना और स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी योजना का संचालन कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य स्टार्टअप फर्मों को विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

डीपीआईआईटी सचिव ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में देश की स्टार्टअप परिवेश को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और अब तक विभाग की तरफ से दो लाख से अधिक इकाइयों को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दी जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत आयकर छूट सहित कई प्रोत्साहन दिए जाते हैं।

भाटिया ने बताया कि गहन प्रौद्योगिकी पर आधारित स्टार्टअप फर्मों को बढ़ावा देने के लिए भी उपाय किए गए हैं और डीपीआईआईटी शोध एवं विकास प्रयोगशालाओं को स्टार्टअप परिवेश से जोड़ने में लगा हुआ है।

उन्होंने कहा, “सरकार इसके लिए वित्त मुहैया करा रही है और हमें उम्मीद है कि निजी क्षेत्र से भी निवेश आएगा।”

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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