सरकार ने चीनी आयात के नियमों में ढील दी, आयातकों को दो महीने का समय मिला

सरकार ने चीनी आयात के नियमों में ढील दी, आयातकों को दो महीने का समय मिला

सरकार ने चीनी आयात के नियमों में ढील दी, आयातकों को दो महीने का समय मिला
Modified Date: August 25, 2026 / 09:18 pm IST
Published Date: August 25, 2026 9:18 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) आयात की खेप आने में देरी को लेकर चीनी उद्योग की चिंताओं को देखते हुए सरकार ने आयातित कच्ची चीनी के प्रसंस्करण और घरेलू बिक्री के लिए समय-सीमा को उसके भारत आने की तारीख से अगले दो महीने तक के लिए बढ़ा दिया है।

स्थानीय आपूर्ति को बढ़ाने और कीमतों पर काबू पाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देते हुए, सरकार ने पहले आयातकों से कहा था कि वे कच्ची चीनी का प्रसंस्करण करें और उसे 31 अक्टूबर तक घरेलू बाजार में बेच दें।

हालांकि, हाल ही में हुई एक बैठक में चीनी उद्योग ने संबंधित मंत्रालयों को बताया कि यह समय-सीमा व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने ब्राजील के बंदरगाहों पर भीड़भाड़ और मात्रा की मंजूरी मिलने के बाद माल की खेप के भारत पहुंचने में लगने वाले 40 दिन के समय का हवाला दिया।

इसे ध्यान में रखते हुए, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 24 अगस्त को अपनी 20 अगस्त की अधिसूचना में सुधार जारी किया और आयातित कच्ची चीनी के प्रसंस्करण और बिक्री के लिए समय-सीमा बढ़ा दी।

सुधार में कहा गया, ‘‘शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के तहत आयातित कच्ची चीनी को आयात के बाद उचित समय के भीतर सफेद या रिफाइंड चीनी में प्रसंस्कृत किया जाएगा, बशर्ते आयातक कच्ची चीनी को सफेद या रिफाइंड चीनी में बदलें और ‘बिल ऑफ एंट्री’ दाखिल करने की तारीख से दो महीने से अधिक न होने वाली अवधि के भीतर उसे घरेलू बाजार में बेच दें।’’

नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक, प्रकाश नाईकनवरे ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ‘‘एक सकारात्मक घटनाक्रम’’ बताया, जिससे ‘‘अधिक मिलों को आयात के लिए आवेदन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।’’

मिलों ने पहले ही डीजीएफटी पोर्टल के माध्यम से कच्ची चीनी के आयात के लिए ऑनलाइन आवेदन करना शुरू कर दिया है। डीजीएफटी को आवेदनों पर काम आगे बढ़ाने और मात्रा आवंटित करने में 2-3 दिन लग सकते हैं और इसके बाद मिलें सितंबर के मध्य तक अनुबंधों पर हस्ताक्षर करेंगी। बंदरगाह पर भीड़भाड़ की स्थिति को देखते हुए, खेप के अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक भारतीय तटों पर पहुंचने की उम्मीद है।

घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और खुदरा कीमतों पर काबू पाने के लिए चीनी के आयात की अनुमति दी गई है। मंगलवार को खुदरा कीमतें लगभग 64 रुपये प्रति किलोग्राम थीं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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