भारत डेटा सेंटर के लिए भरोसेमंद गंतव्य: गोयल

भारत डेटा सेंटर के लिए भरोसेमंद गंतव्य: गोयल

भारत डेटा सेंटर के लिए भरोसेमंद गंतव्य: गोयल
Modified Date: August 25, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: August 25, 2026 8:20 pm IST

तोक्यो, 25 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत को डेटा सेंटर के लिए एक आकर्षक गंतव्य बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए भारत जापानी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से करीब 200 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता मिल चुकी है।

जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाजावा रयोसेई के साथ बैठक के दौरान गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी को चार प्रमुख स्तंभों…व्यापार बढ़ाना, प्रौद्योगिकी सहयोग मजबूत करना, निवेश को बढ़ावा देना और पर्यटन को प्रोत्साहित करना…के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है।

गोयल ने कहा, ‘‘डेटा सेंटर एक अन्य ऐसा क्षेत्र है जहां भारत एक भरोसेमंद साझेदार और आकर्षक गंतव्य के रूप में मजबूत संभावना पेश करता है। हम भारत में डेटा सेंटर को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। हमें दुनिया भर की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों से करीब 200 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता मिल चुकी है।’’

उल्लेखनीय है कि बीते साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच गूगल ने भारत में डेटा सेंटर सहित कृत्रिम मेधा (एआई) बुनियादी ढांचे में 15 अरब डॉलर, माइक्रोसॉफ्ट ने 17.5 अरब डॉलर और अमेजन ने 35 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।

सरकार ने डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए 2047 तक कर अवकाश देने का प्रस्ताव रखा है।

गोयल ने जापान के मंत्री को शीर्ष जापानी कंपनियों के कई प्रतिनिधियों के साथ हुई अपनी बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में काफी रुचि दिखाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कुछ ऐसी क्षमताएं हैं जो जापान की तकनीकी प्रगति को समर्थन दे सकती हैं। हमने कई ऐसे क्षेत्रों पर चर्चा की, जहां साथ काम करने के स्पष्ट लाभ हैं। इनमें एआई, सेमीकंडक्टर और उससे जुड़ा पूरा परिवेश शामिल हैं। भारत में इस क्षेत्र की बहुत बड़ी मांग है और इसका बाजार करीब 150 अरब डॉलर का होने का अनुमान है।’’

इस बीच, यहां एक भारतीय समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि जापान में देखभाल कर्मियों, नर्स, प्लंबर, बिजली मिस्त्रियों, राजमिस्त्रियों और बढ़ई के साथ-साथ एआई विशेषज्ञों, पीएचडी धारकों, इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे उच्च कौशल वाले पेशेवरों की भी काफी मांग है।

उन्होंने भारतीय समुदाय से लोगों को जापानी भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।

गोयल ने कहा, ‘‘यदि आप भाषा और संस्कृति सीख लेते हैं तो यहां बड़े अवसर उपलब्ध हैं।’’ उन्होंने कहा कि जापान से भारत को भेजी जाने वाली राशि भी देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देती है।

जापान में 60,000 से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं।

भाषा रमण अजय

अजय


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