बाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार का संदेश स्पष्ट, कार्रवाई एवं संवेदनशीलता बढ़ी: सूत्र

बाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार का संदेश स्पष्ट, कार्रवाई एवं संवेदनशीलता बढ़ी: सूत्र

बाल यौन शोषण सामग्री पर सरकार का संदेश स्पष्ट, कार्रवाई एवं संवेदनशीलता बढ़ी: सूत्र
Modified Date: August 18, 2026 / 01:31 pm IST
Published Date: August 18, 2026 1:31 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) अमेरिकी कंपनी मेटा के साथ सरकार की बातचीत के बाद बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के मुद्दे पर कार्रवाई और बढ़ी हुई संवेदनशीलता देखने को मिली है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी सामग्री कानून का स्पष्ट उल्लंघन है और इस तरह कानून का उल्लंघन होने पर ‘सेफ हार्बर’ का संरक्षण नहीं मिलेगा।

‘सेफ हार्बर’ एक कानूनी प्रावधान है जो इंटरनेट मध्यस्थों तथा सोशल मीडिया मंचों को उपयोगकर्ताओं द्वारा ‘पोस्ट’ की गई सामग्री के लिए कानूनी जिम्मेदारी या मुकदमों से बचाता है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार का मकसद ‘सेंसरशिप’ या किसी भी तरह से ‘कवरेज’ को सीमित करना नहीं है, बल्कि भारतीय कानूनों तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को कम करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘संदेश पहुंच गया है।’’

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान मेटा ने बताया कि उसके ‘एल्गोरिदम’ और प्रणालियां कैसे काम करती हैं।

उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और ऐसे मामलों में ‘‘निर्णय लेने तथा बदलाव’’ करने की जरूरत होती है।

‘व्हाट्सऐप यूजरनेम’ विवाद पर सूत्रों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, क्योंकि यह केवल उस मंच से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि अन्य संदेश ऐप भी इससे जुड़े हैं।

सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान को लेकर चिंता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और फ्रांस समेत अन्य देश भी इससे चिंतित हैं।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान से निपटने और सही संतुलन कायम करने की जिम्मेदारी मंचों की है।

‘एआई लेबलिंग’ पर मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री पर ‘लेबल’ लगाना अनिवार्य है और इसकी जिम्मेदारी तीन स्तरों पर है, जिनमें मंच भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि मंचों को इसके अनुरूप नियमों का पालन करना होगा।

अमेरिकी कंपनी मेटा फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का संचालन करती है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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