सरकार ने एक अप्रैल से न्यूनतम 95 रॉन वाले ई20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य की

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सरकार ने एक अप्रैल से न्यूनतम 95 रॉन वाले ई20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य की

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 03:24 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 03:24 PM IST

नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) सरकार ने एक अप्रैल, 2026 से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रण और न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (रॉन) वाले पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने 17 फरवरी की एक अधिसूचना में कहा, ‘‘केंद्र सरकार निर्देश देती है कि पेट्रोलियम कंपनियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारतीय मानक ब्यूरो के विनिर्देशों के अनुसार 20 प्रतिशत तक एथनॉल के साथ मिश्रित मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) की बिक्री करेंगी, जिसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (रॉन) 95 होगा।’’

केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में विशिष्ट क्षेत्रों के लिए और सीमित समय के लिए छूट दे सकती है।

एथनॉल गन्ने, मक्का या अनाज से बनाया जाता है। सरकार ने तेल आयात में कटौती करने और उत्सर्जन को कम करने के लिए पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण को अनिवार्य किया है।

उद्योग के अधिकारियों ने कहा कि 2023-25 के बाद भारत में निर्मित अधिकांश वाहनों को ई20 पर चलने के लिए डिजाइन किया गया है और ऐसे में किसी बड़ी समस्या की उम्मीद नहीं है।

हालांकि, पुराने वाहनों के ‘माइलेज’ में मामूली गिरावट (3-7 प्रतिशत) आ सकती है और साथ ही रबड़ या प्लास्टिक के पुर्जे खराब हो सकते हैं।

न्यूनतम 95 रॉन पर जोर इंजन को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए है। रॉन इंजन नॉकिंग (समय से पहले प्रज्वलन) के प्रति ईंधन के प्रतिरोध का एक माप है। नॉकिंग तब होती है जब ईंधन इंजन के अंदर असमान रूप से जलता है, जिससे पिंगिंग की आवाज आती है, और समय के साथ इंजन को नुकसान हो सकता है। रॉन जितना अधिक होगा, ईंधन नॉकिंग के प्रति उतना ही अधिक प्रतिरोधी होगा।

भाषा अजय पाण्डेय

अजय