सरकार की 2028 से ग्रेट निकोबार परियोजना पर काम शुरू करने की योजना: सोनोवाल

सरकार की 2028 से ग्रेट निकोबार परियोजना पर काम शुरू करने की योजना: सोनोवाल

सरकार की 2028 से ग्रेट निकोबार परियोजना पर काम शुरू करने की योजना: सोनोवाल
Modified Date: June 23, 2026 / 07:57 pm IST
Published Date: June 23, 2026 7:57 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार परियोजना पर काम शुरू करना है और इसके लिए द्वीपों और उनके आसपास के इलाकों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के सभी उपाय किए जाएंगे।

यह बयान कांग्रेस के कड़े विरोध के बीच आया है। कांग्रेस ने इस परियोजना को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि इससे पर्यावरण संतुलन पर असर पड़ेगा और इससे ‘‘एक व्यवसायी’’ को फायदा होगा।

मीडियाकर्मियों से बातचीत में, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने कहा, ‘‘हम रुकने वाले नहीं हैं। हम इसे आगे बढ़ाएंगे। हम इसे जरूर करेंगे।’’

सोनोवाल उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार ग्रेट निकोबार परियोजना को आगे बढ़ाएगी, जबकि इसे लेकर काफी राजनीतिक विरोध हो रहा है।

जब परियोजना की समय-सीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसे चरणों में बनाया जाएगा और पहला चरण वर्ष 2028 में शुरू होगा।

ग्रेट निकोबार परियोजना का मकसद ग्रेट निकोबार को एक रणनीतिक समुद्री और आर्थिक केंद्र में बदलना है। इसके लिए ईस्ट-वेस्ट शिपिंग रूट से इसकी निकटता (लगभग 40 नॉटिकल मील) का फायदा उठाया जाएगा और विदेशी पारगमन बंदरगाहोंपर निर्भरता कम की जाएगी, साथ ही रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्यों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

हालांकि, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस परियोजना की आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप है कि यह परियोजना पर्यावरण के लिए विनाशकारी साबित होगी और इससे बड़े पैमाने पर कोरल कॉलोनियों (मूंगा चट्टानों) का विनाश होगा।

इस महीने की शुरुआत में, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार का यह तर्क कि ग्रेट निकोबार आइलैंड परियोजना रक्षा और ट्रांसशिपमेंट पोर्ट के लिए है, ‘झूठ’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि असल में यह परियोजना, भारत की सबसे अनमोल पारिस्थितिकी तंत्र वाली जमीन पर होटल और कसीनो बनाने में एक व्यवसायी की मदद करने के लिए है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी मंत्री को पत्र लिखकर इस परियोजना के तहत बनने वाले पारगमन बंदरगाह के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

सोनोवाल ने आगे कहा कि सरकार परियोजना शुरू करने से पहले सभी मुद्दों पर ध्यान देगी।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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