पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया संतुलित और भरोसेमंद : सीआईआई

पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया संतुलित और भरोसेमंद : सीआईआई

पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की प्रतिक्रिया संतुलित और भरोसेमंद : सीआईआई
Modified Date: March 29, 2026 / 02:15 pm IST
Published Date: March 29, 2026 2:15 pm IST

नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई समस्याओं पर सरकार की तेज, समन्वित और संतुलित प्रतिक्रिया की सराहना की।

साथ ही, उद्योग मंडल ने भारत के उद्योग जगत के लिए 12-सूत्रीय योजना भी पेश की, ताकि सरकार के प्रयासों को और मजबूत किया जा सके।

सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि हालांकि नीतिगत प्रतिक्रिया ने तात्कालिक जोखिमों को कम कर दिया है, लेकिन बदलती स्थिति के लिए सरकार और उद्योग के बीच निरंतर समन्वय की आवश्यकता है।

बनर्जी ने कहा, ‘‘नीतिगत दृष्टिकोण ने उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने और व्यवहार्य उद्यमों का समर्थन करने पर सही ढंग से ध्यान केंद्रित किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगले चरण में उद्योग को व्यावहारिक और जिम्मेदार कार्यों के साथ इस नींव पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।’’

बनर्जी ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्रतिक्रिया समय पर, संतुलित और भरोसेमंद रही है। यह सरकार के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुचारू रखना, निर्यातकों का समर्थन करना, परिवारों की सुरक्षा करना और व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है। उद्योग जगत सरकार की इस पहल के उद्देश्य और क्रियान्वयन दोनों की सराहना करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन उपायों ने मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने, औद्योगिक गतिविधियों को बनाए रखने और वैश्विक अनिश्चितता के समय में भरोसे को कायम रखने में मदद की है, साथ ही साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को भी समर्थन दिया है।’

सीआईआई ने कहा कि वर्तमान स्थिति एक आपूर्ति संबंधी बाधा है, जो ऊर्जा की कीमतों, लॉजिस्टिक और कामकाजी पूंजी पर दबाव डाल रही है।

उद्योग मंडल ने कुछ कदम सुझाए हैं, जिन्हें वर्तमान परिस्थितियों में उद्योग अपनाने पर विचार कर सकता है।

उद्योग मंडल ने सुझाव दिया कि उद्योग सरकार के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कच्चे माल, ईंधन और बीच के उत्पादों के लिए रणनीतिक भंडार और सुरक्षा तंत्र तैयार कर सकता है। सामान को साझा भंडारण, साझा बुनियादी ढांचे और बेहतर डेटा प्रणाली के माध्यम से रखना भविष्य में किसी संकट से निपटने की देश की तैयारी को मजबूत करेगा।

सीआईआई ने कहा कि कंपनियां मूल्य स्थिरता बनाए रखने का प्रयास कर सकती हैं, ताकि ईंधन की स्थिर कीमतों और नियंत्रित लॉजिस्टिक्स लागत का लाभ सीधे अंतिम ग्राहकों और व्यापारिक साझेदारों तक पहुंचे। इससे महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और उद्योग की विश्वसनीयता बढ़ेगी।

उद्योग मंडल ने यह भी सुझाव दिया कि कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत कर सकती हैं, इसके लिए वैकल्पिक स्रोत ढूंढें, विक्रेता आधार बढ़ाएं और महत्वपूर्ण कच्चे माल के लिए सुरक्षित भंडार तैयार करें। इससे समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम होगी और किसी बाधा का असर घटेगा।

भाषा योगेश अजय

अजय


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