मांग बढ़ने, कम उपलब्धता के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल में सुधार

मांग बढ़ने, कम उपलब्धता के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल में सुधार

मांग बढ़ने, कम उपलब्धता के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल में सुधार
Modified Date: July 5, 2026 / 09:00 am IST
Published Date: July 5, 2026 9:00 am IST

नयी दिल्ली, पांच जुलाई (भाषा) सूरजमुखी तेल से सस्ता होने तथा बिनौला तेल की उपलब्धता बेहद कम रहने के बीच मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में मूंगफली तेल-तिलहन तथा कम उपलब्धता के बीच मांग बढ़ने से बिनौला तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। ऊंचे दाम पर कमजोर लिवाली से सरसों तेल-तिलहन, बीते सप्ताह प्लांट वालों द्वारा खरीद का दाम घटाने की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन, लागत से नीचे दाम की बिकवाली की वजह से कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सूरजमुखी का तेल महंगा है और बिनौला तेल की उपलब्धता काफी कम है। ऐसे में सस्ता होने की वजह से मूंगफली तेल की काफी मांग है। बिनौला तेल के लिए नमकीन बनाने वाली कंपनियों की औद्योगिक मांग होती है। इसकी कमी को मूंगफली या पामोलीन तेल ही पूरा कर सकता है। मूंगफली का थोक दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी कम है। सस्ता होने वजह से मांग बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार आया। मांग होने और उपलब्धता नहीं के बराबर रहने की वजह से बिनौला तेल के दाम में भी सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि ऊंचे दाम की वजह से सरसों की लिवाली बेहद कमजोर है। उपभोक्ता सस्ता होने की वजह से आयातित तेल का अधिक उपयोग कर रहे हैं। महंगे दाम के कारण लिवाली प्रभावित रहने से बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन में गिरावट आई।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह प्लांट वालों की ओर से खरीद बढ़ाने के मकसद से कभी सोयाबीन के दाम बढ़ाये तो कभी घटाये जाते हैं। किसान नीचे भाव में जब बिकवाली नहीं करते और जरूरत पूरा नहीं होती तो प्लांट वाले फिर से खरीद का दाम बढ़ाते हैं। बीते सप्ताह प्लांट वालों द्वारा दाम घटाये जाने की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट देखी गई।

सूत्रों ने कहा कि लागत से नीचे दाम पर बिकवाली जारी रहने की वजह से पाम-पामोलीन तेल के दाम भी गिरावट के साथ बंद हुए।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 50 रुपये की गिरावट के साथ 7,525-7,550 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल 50 रुपये की गिरावट के साथ 15,525 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल क्रमश: 10-10 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,565-2,665 रुपये और 2,565-2,710 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ।

समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 100-100 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 7,000-7,050 रुपये और 6,850-6,925 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

इसी प्रकार, दिल्ली में सोयाबीन तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 15,400 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 175 रुपये की गिरावट के साथ 15,250 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 25 रुपये की गिरावट के साथ 11,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मांग रहने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 75 रुपये के सुधार के साथ 6,750-7,325 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 50 रुपये के सुधार के साथ 15,625 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 15 रुपये के सुधार के साथ 2,500-2,800 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।

लागत से नीचे दाम पर बिकवाली के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में सीपीओ तेल का दाम 225 रुपये की गिरावट के साथ 13,400 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली 200 रुपये की गिरावट के साथ 15,400 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 200 रुपये की गिरावट के साथ 14,175 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

औद्योगिक मांग के बीच बिनौला तेल का दाम 200 रुपये के सुधार के साथ 15,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

भाषा राजेश

अजय

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