जीआरएसई को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, कंपनी के लिए ऐतिहासिक क्षण: सीएमडी

जीआरएसई को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, कंपनी के लिए ऐतिहासिक क्षण: सीएमडी

जीआरएसई को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, कंपनी के लिए ऐतिहासिक क्षण: सीएमडी
Modified Date: June 20, 2026 / 05:58 pm IST
Published Date: June 20, 2026 5:58 pm IST

कोलकाता, 20 जून (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड को ‘नवरत्न’ का दर्जा प्रदान किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पी. आर. हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक उद्यम विभाग ने शुक्रवार को जीआरएसई को उसके लगातार बेहतर वित्तीय और भौतिक प्रदर्शन के आधार पर यह दर्जा प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि ‘नवरत्न’ दर्जा मिलने से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अधिक वित्तीय और परिचालन स्वायत्तता प्राप्त होती है।

कोलकाता स्थित इस युद्धपोत विनिर्माता कंपनी की वित्त वर्ष 2021-22 में परिचालन आय 1,754 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर 2025-26 में 7,002 करोड़ रुपये हो गई है।

इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2021-22 में 190 करोड़ रुपये था जो 2025-26 में बढ़कर 748 करोड़ रुपये पहुंच गया।

जीआरएसई वाणिज्यिक जहाज भी बनाती है। कपंनी ने इस वर्ष आठ युद्धपोतों की आपूर्ति की है, जिनमें 30 मार्च 2026 को एक ही दिन में तीन युद्धपोत की डिलीवरी शामिल है।

अधिकारी ने कहा कि ‘नवरत्न’ का दर्जा कंपनी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि यह उन्नयन कंपनी को रणनीतिक अवसरों की तलाश, रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और 2047 तक भारत को एक प्रमुख समुद्री शक्ति बनाने में योगदान देने में और सक्षम बनाएगा।

भाषा योगेश रमण

रमण


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