गुजरात, सिक्किम को पीएम-आरकेवीवाई, कृषोन्नति योजना के तहत 275 करोड़ रुपये मिलेंगे : चौहान
गुजरात, सिक्किम को पीएम-आरकेवीवाई, कृषोन्नति योजना के तहत 275 करोड़ रुपये मिलेंगे : चौहान
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि दो केंद्रीय योजनाओं — प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) और कृषोन्नति योजना – के तहत गुजरात के लिए 224.94 करोड़ रुपये और सिक्किम के लिए 50.58 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी की जाएगी।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह फैसला दोनों राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ योजनाओं की प्रगति की वर्चुअल बैठक में हुई समीक्षा के बाद लिया गया है।
गुजरात के लिए, पीएम-आरकेवीवाई के तहत 181.62 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के तहत 43.32 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
सिक्किम के मामले में, पीएम-आरकेवीवाई के तहत 47.37 करोड़ रुपये और कृषोन्नति योजना के लिए 3.21 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
चौहान ने कहा, ‘‘दोनों राज्यों के लिए कुल 275.52 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जाएगी।’’
यह राशि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने, खेती की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने और कृषि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगी।
चौहान ने दोनों राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे विभिन्न योजनाओं के तहत मंजूर की गई परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करें और उनके नतीजों का मूल्यांकन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल से कृषि योजनाओं का असर और बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार खुद को केवल किसानों को आर्थिक मदद देने तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभदायक उद्यम में बदलने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि खेती में मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, बागवानी, तिलहन और दलहन उत्पादन, डिजिटल तकनीक और कृषि-वानिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पीएम-आरकेवीवाई एक मुख्य योजना है जो मिट्टी की सेहत, वर्षा-आधारित खेती, मशीनीकरण, फसल विविधीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और कृषि-स्टार्टअप के माध्यम से टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देती है।
कृषोन्नति योजना का मकसद अनाज, तिलहन, बागवानी, बीज, विस्तार और मशीनीकरण के लिए मदद देकर खेती का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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