IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: डेडीकेशन और रोजाना 18 घंटे की पढ़ाई…किसान की बेटी रूपाली कुर्रे बनीं 12वीं में जिला टॉपर, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप देकर किया सम्मानित
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: डेडीकेशन और रोजाना 18 घंटे की पढ़ाई...किसान की बेटी रूपाली कुर्रे बनीं 12वीं में जिला टॉपर, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप देकर किया सम्मानित
मुंगेली। IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026) प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में मुंगेली जिले के दशरंगपुर की रूपाली कुर्रे भी शामिल है।
12वीं में 97.6% अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया
मुंगेली की रूपाली कुर्रे ने 12वीं में 97.6 प्रतिशत अंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है। छोटे से गांव दशरंगपुर की रहने वाली रूपाली ने गांव के शासकीय स्कूल में पढ़कर ये सफलता हासिल की है। शासकीय स्कूल में मिलने वाली सुविधाएं रूपाली के लिए कारगर साबित हुई हैं। रूपाली के पिता कृषक और माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधन में अपनी शैक्षणिक प्रतिभा को निखारने वाली रूपाली शुरू से मेधावी हैं। 10वीं और 11वीं में भी रूपाली ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किया।
रोजाना 18 घंटे की पढ़ाई से मिली सफलता
साइंस बायोलॉजी की स्टूडेंट रूपाली की सफलता का मूलमंत्र पढ़ाई में डेडीकेशन है। पूरे डेडीकेशन के साथ रोजाना करीब 18 घंटे की पढ़ाई कर रूपाली को ये सफलता हासिल हुई है। इसमें गुरुजनों का मार्गदर्शन और परिवार के सपोर्ट का भी बड़ा रोल है। पढ़ाई के साथ रुपाली की हॉबी पेंटिंग, बाइक राइडिंग और स्पोर्ट्स की है। रूपाली आगे PSC की तैयारी कर सिविल सेवा में आना चाहती है। टीचिंग में भी रूपाली का इंट्रेस्ट है। रूपाली की सोच है.. बेटियां पढ़ेंगी..आगे बढ़ेंगी तो प्रदेश और देश भी आगे बढ़ेगा।
सरकार की शिक्षा नीति, शैक्षणिक योजनाओं से मिली मदद
सरकार की योजनाओं का लाभ केवल स्कूली बच्चों तक ही सीमित नहीं हैं.. बल्कि सरकार की योजनाओं का लाभ बच्चों के परिवार को भी मिल रहा है। रुपाली का परिवार इसका बड़ा उदाहरण है। सामान्य कृषक परिवार से होने के कारण उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे बच्चों को किसी उच्च शिक्षण संस्थान में पढ़ा सकें, लेकिन सरकार की शिक्षा नीति और शैक्षणिक व्यवस्थाओं और योजनाओं ने उन्हें इसमें बड़ी मदद की। उन्होंने सरकार की शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर भरोसा जताया। गांव के ही सरकारी स्कूल में रूपाली का एडमिशन कराया, यहां बेहतर संसाधनों के साथ गुरुजनों के मार्गदर्शन ने रूपाली को जिला टॉपर बना दिया। रुपाली का परिवार आज महतारी वंदन, खाद्यान्न योजना, स्वास्थ्य योजना, कृषि योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है।
सरकार की महतारी वंदन योजना ने की बड़ी मदद
रूपाली की मां बताती हैं कि सरकार की महतारी वंदन योजना ने परिवार की बड़ी मदद की है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू खर्च में योजना से मिली राशि का उपयोग कर वे राहत महसूस करते हैं। इसी तरह सरकार की अन्य योजनाएं भी उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में मददगार साबित हो रही हैं। वे इसके लिए साय सरकार का धन्यवाद भी ज्ञापित कर रही हैं।
2015 से दी जा रही है यह स्कॉलरशिप
बता दें कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।

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