हरियाणा रेरा ने बिल्डर चिंटेल्स को घर खरीदार को चार करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का दिया निर्देश
हरियाणा रेरा ने बिल्डर चिंटेल्स को घर खरीदार को चार करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का दिया निर्देश
गुरुग्राम, छह अप्रैल (भाषा) हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (एचआरईआरए) ने बिल्डर चिंटेल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को एक घर खरीदार को चार करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया है। खरीदार ने अपने फ्लैट में निर्माण संबंधी खामियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
अधिकारी ने सोमवार को बताया कि यह शिकायत दिल्ली निवासी अरुणा गर्ग ने दर्ज कराई थी जिन्होंने सेक्टर 109 स्थित परियोजना के ‘टावर-सी’ में चार कमरे वाला फ्लैट खरीदा था।
उन्होंने तय कीमत से अधिक करीब 1.8 करोड़ रुपये का भुगतान किया और अक्टूबर 2019 में उन्हें फ्लैट का कब्जा मिला। हालांकि इसके तुरंत बाद फ्लैट में समस्याएं सामने आने लगीं जिनमें टूटी टाइलें, असमान फर्श और बालकनी तथा साझा क्षेत्रों में दरारें शामिल थीं। शिकायतों के बावजूद डेवलपर ने इन समस्याओं को ठीक नहीं किया।
मामला 10 फरवरी 2022 को गंभीर हो गया, जब परियोजना के ‘टावर-डी’ का एक हिस्सा ढह गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
जिला प्रशासन एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली की जांच में बाद में सामने आया कि निर्माण में इस्तेमाल किए गए कंक्रीट में क्लोराइड की मौजूदगी के कारण ‘स्टील’ में जंग लग गया था।
विशेषज्ञों ने कहा कि इमारत की हालत इतनी खराब है कि उसकी मरम्मत संभव नहीं है।
एचआरईआरए ने अपने आदेश में कहा कि पूरी परियोजना अब रहने योग्य नहीं रही और इसके लिए पूरी तरह चिंटेल्स इंडिया जिम्मेदार है। खरीदार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्माण का भरोसा दिया गया था।
प्राधिकरण ने सेक्टर-109 में संपत्ति की बढ़ी कीमतों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा 13,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया और अरुणा गर्ग को 4.09 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया। इसके अलावा यह राशि पूरी तरह भुगतान होने तक 10.8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देय होगी।
साथ ही बिल्डर को 4.6 लाख रुपये स्टाम्प शुल्क, दो लाख रुपये मानसिक उत्पीड़न के लिए और 50,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च के रूप में लौटाने का भी निर्देश दिया गया है। हालांकि किराया, मासिक किस्त और अन्य अतिरिक्त दावों को प्राधिकरण ने खारिज कर दिया।
भाषा निहारिका
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