एचडीएफसी बैंक ‘मजबूत बुनियाद वाला मजबूत संस्थान’: वित्तीय सेवा सचिव

एचडीएफसी बैंक ‘मजबूत बुनियाद वाला मजबूत संस्थान’: वित्तीय सेवा सचिव

एचडीएफसी बैंक ‘मजबूत बुनियाद वाला मजबूत संस्थान’: वित्तीय सेवा सचिव
Modified Date: March 19, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: March 19, 2026 4:20 pm IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने बृहस्पतिवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक ‘मजबूत बुनियाद वाला मजबूत संस्थान’ है।

एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा देने के बाद नागराजू ने यह बात कही।

वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस संबंध में पहले ही बयान जारी कर चुका है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ एचडीएफसी बैंक मजबूत बुनियाद वाला मजबूत संस्थान है।’’

यह टिप्पणी देश के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के 18 मार्च, 2026 से प्रभावी अचानक इस्तीफे के बाद आई है। इस्तीफे में उन्होंने नैतिक चिंताओं का हवाला दिया था। यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है जिससे इसके कामकाज को लेकर चिंताएं उठी हैं।

इससे पहले दिन में भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा था कि बैंक के कामकाज के संबंध में कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है।

आरबीआई ने बयान में कहा, ‘‘ एचडीएफसी बैंक एक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (डी-एसआईबी) है जिसके पास मजबूत वित्तीय स्थिति, पेशेवर तरीके से संचालित निदेशक मंडल और सक्षम प्रबंधन दल है। हमारे समय-समय पर किए गए आकलन के आधार पर, इसके आचरण या कामकाज के संचालन के संबंध में कोई बड़ी चिंता नहीं है।’’

बयान में जोर दिया गया कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है और उसकी वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। साथ ही पर्याप्त नकदी भी मौजूद है।

आरबीआई ने बैंक के अनुरोध पर उसके अंशकालिक चेयरमैन के पद को लेकर एक अंतरिम व्यवस्था को मंजूरी दी है।

एचडीएफसी बैंक के आवेदन पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 मार्च, 2026 को केकी मिस्त्री को 19 मार्च, 2026 से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।

बयान में कहा गया है कि आरबीआई आगे की कार्रवाई को लेकर निदेशक मंडल और प्रबंधन के साथ जुड़ा रहेगा।

यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है। इससे बैंक के कामकाज को लेकर सवाल उठे हैं। उनका कार्यकाल चार मई, 2027 को समाप्त हो रहा था।

उन्होंने 17 मार्च को भेजे अपने इस्तीफे में कहा, ‘‘ पिछले दो वर्ष में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं व व्यवहार को मैंने देखा है जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों एवं नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस निर्णय का आधार है।’’

गवर्नेंस, नामांकन, पारिश्रमिक समिति के चेयरमैन एच. के. भनवाला को लिखे पत्र में चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘ उपरोक्त के अलावा मेरे इस्तीफे का कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है।’’

चक्रवर्ती को आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में सेवानिवृत्ति के करीब एक वर्ष बाद पांच मई, 2021 से अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया था।

उनका कार्यकाल 2024 में तीन और वर्ष के लिए बढ़ाकर चार मई, 2027 तक कर दिया गया था। चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी रहे हैं और अप्रैल, 2020 में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए।

इससे पहले वह निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव थे। ये दोनों विभाग वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।

चक्रवर्ती बैंक की मूल कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड के साथ ‘रिवर्स मर्जर’ प्रक्रिया के दौरान चेयरमैन बने थे, जो देश की प्रमुख आवास वित्त कंपनी है।

एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में विलय एक जुलाई, 2023 से प्रभावी हुआ जिससे 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त बही-खाते वाली एक विशाल वित्तीय इकाई अस्तित्व में आई।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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