Middle East War Latest Updates: तेल संयंत्रों पर हमला कर इजरायल-अमेरिका ने कर दी बड़ी गलती!.. अब ईरान की धमकी से पूरी दुनिया दहशत में, खुद सुनें क्या कहा
Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure: ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष में तेल संयंत्र निशाने पर, मिडिल ईस्ट ऊर्जा संकट गहराया, वैश्विक सप्लाई पर असर बढ़ा।
Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure || Image- Bloomberg News File
- ईरान-इजरायल युद्ध में तेल संयंत्र बने निशाना
- ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों से संकट गहराया
- स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज पर असर, वैश्विक चिंता बढ़ी
तेहरान: इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का कोई हल निकलता हुआ नजर नहीं आ रहा है। (Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure) अंतर्राष्ट्रीय समुदाय दोनों ही देशों से संयम बरतते हुए बातचीत के माध्यम से विवादों को सुलझाने की नसीहत दे रहा है लेकिन इसका भी असर दिखाई नहीं दे रहा हैं। हालात इसलिए भी खराब हो रहे है क्योंकि सैन्य परिसरों को निशाना बनाने के बाद अब इजरायल और अमेरिका के निशाने पर ईरान के तेल संयंत्र है।
इजरायल-अमेरिका के निशाने पर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के तेल अधोसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे पहले स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज के रास्ते से तेल और ऊर्जा संसाधनों का परिवहन बेहद सिमित हो चुका है। जाहिर है इसका असर दुनियाभर के ऊर्जा जरूरतों पर दिखाई देगा। खुद अमेरिका और इजरायल पर इस हमले का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
वही तेल संयंत्रों को निशाना बनाये जाने के खिलाफ ईरान ने आवास बुलंद की है। उन्होंने इजरायल और अमेरिका को परिणाम भुगतने की भी चेतावनी देते हुए कहा है कि, ईरान का इरादा युद्ध का दायरा तेल सुविधाओं तक बढ़ाने का नहीं था और वह मित्र और पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था।
क्या कहा ईरान ने?
ईरान ने घोषणा की है कि अगर इज़राइल और अमेरिका एक बार फिर ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं, तो वे मध्य पूर्व के सभी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट कर देंगे। ईरान की तरफ से कहा गया है कि, (Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure) “हम दुश्मन को चेतावनी देते हैं कि ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करके आपने बहुत बड़ी गलती की है। ईरान का इरादा युद्ध का दायरा तेल सुविधाओं तक बढ़ाने का नहीं था और वह मित्र और पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता था। हालांकि, ईरान के ऊर्जा क्षेत्र पर अमेरिका/इज़राइल के हमले के बाद, ईरान ने प्रभावी रूप से युद्ध के एक नए चरण में प्रवेश किया है और संयुक्त राज्य अमेरिका और अमेरिकी शेयरधारकों से जुड़ी ऊर्जा सुविधाओं पर हमला किया है। जवाबी कार्रवाई जारी है और अभी खत्म नहीं हुई है। अगर ईरान के खिलाफ आतंकवाद फिर से दोहराया जाता है, तो आपके और आपके सहयोगियों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर अगले हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि वे पूरी तरह से नष्ट न हो जाएं।”
JUST IN:
🇮🇷🇺🇸🇮🇱 Iran announced that if Israel and US once again attack the Iranian energy infrastructure they will destroy all the infrastructure in the middle east for good
“We warn the enemy that you made a major mistake by attacking the energy infrastructure of Iran.
Iran… pic.twitter.com/q1kpHLOftN
— Megatron (@Megatron_ron) March 19, 2026
इन तेल संयंत्रों को भारी नुकसान
कतर का रास लाफान
कतर में स्थित रास लाफान दुनिया का सबसे बड़ा द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) केंद्र है। कतर एनर्जी नामक सरकारी कंपनी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान ने इस पर बार-बार हमले किए हैं और लगातार हमलों की वजह से इसे काफी नुकसान पहुंचा है। गुरुवार तड़के, कतर एनर्जी ने केंद्र में स्थित कई एलएनजी संयंत्रों में आग लगने और भारी नुकसान की सूचना दी। बाद में गृह मंत्रालय ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है।
ईरान का साउथ पार्स
इससे एक दिन पहले बुधवार को ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमला हुआ। साउथ पार्स/नॉर्थ डोम विशाल गैस क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात गैस भंडार है और ईरान और कतर के बीच साझा है। (Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure) ईरान की घरेलू प्राकृतिक गैस का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा इस क्षेत्र के उसके हिस्से से आता है, जिसे वह साउथ पार्स कहता है।
ईरान का खारग
ईरान की मुख्य भूमि से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित खारग द्वीप, देश के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात का केंद्र है। शनिवार को अमेरिकी हमलों में यह द्वीप प्रभावित हुआ, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने बाद में कहा कि निर्यात सामान्य रूप से जारी है और कोई हताहत नहीं हुआ है।
संयुक्त अरब अमीरात का रुवैस रिफाइनरी
सरकारी स्वामित्व वाली ऑपरेटर एडनोक के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित रुवैस तेल रिफाइनरी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी एकल-स्थल रिफाइनरी है। (Israel and the US Major Attacks on Oil Infrastructure) एएफपी को एक सूत्र ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में औद्योगिक परिसर पर ड्रोन हमले के बाद एहतियात के तौर पर वहां परिचालन रोक दिया गया था।
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