हिमाचल सरकार ने प्रसंस्करण श्रेणी के आम, खट्टे फलों के लिए एमआईएस को मंजूरी दी

हिमाचल सरकार ने प्रसंस्करण श्रेणी के आम, खट्टे फलों के लिए एमआईएस को मंजूरी दी

हिमाचल सरकार ने प्रसंस्करण श्रेणी के आम, खट्टे फलों के लिए एमआईएस को मंजूरी दी
Modified Date: July 27, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: July 27, 2026 7:53 pm IST

शिमला, 27 जुलाई (भाषा) बागवानी विभाग ने सोमवार को बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 के दौरान प्रसंस्करण श्रेणी के आम, खट्टे फलों और सी-ग्रेड सेब की खरीद के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) को लागू करने की मंजूरी दे दी है।

इस योजना का मकसद राज्य में फल उत्पादकों को पक्की कीमत और बाजार में मदद देना है। खरीद का काम हिमाचल प्रदेश बागावानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) के जरिये किया जाएगा।

यहां जारी एक बयान के अनुसार, जरूरत पड़ने पर सेब की खरीद के लिए ‘हिमफेड’ को भी शामिल किया जा सकता है।

इसी तरह, प्रसंस्करण श्रेणी के किन्नू, माल्टा और संतरा 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदे जाएंगे, जबकि गलगल 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा।

बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत, एक अगस्त, 2026 से 31 अक्टूबर, 2026 तक 1.50 लाख टन तक सी-ग्रेड सेब 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदे जाएंगे।

सेब 35 किलोग्राम क्षमता वाले बोरे (गनी बैग) में खरीदे जाएंगे। हालाँकि, जहां भी उपलब्ध हो, रखरखाव और परिवहन के लिए 16 किलोग्राम क्षमता वाले दोबारा इस्तेमाल होने लायक प्लास्टिक क्रेट को प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना के दिशानिर्देश के अनुसार, किसानों को खरीद और रखरखाव के दौरान वाष्पीकरण से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए वजन के हिसाब से 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त फल भी देने होंगे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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