हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से 31 जुलाई तक मक्का व धान की फसल का बीमा कराने की अपील की

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से 31 जुलाई तक मक्का व धान की फसल का बीमा कराने की अपील की

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से 31 जुलाई तक मक्का व धान की फसल का बीमा कराने की अपील की
Modified Date: July 3, 2026 / 01:00 pm IST
Published Date: July 3, 2026 1:00 pm IST

हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश), तीन जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर फसल बीमा का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई तक खरीफ मौसम की मक्का और धान की फसल का बीमा कराने की अपील की है।

सरकार ने कहा कि सूखा, बाढ़, जलभराव और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मौजूदा खरीफ मौसम में भी लिया जा सकता है। इस योजना के तहत मक्का और धान की फसलों का बीमा किया जा रहा है।

कृषि विभाग के उपनिदेशक डी. डी. शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि इन फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई है।

उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले में मक्का फसल बीमा के लिए सभी तहसीलों और उप-तहसीलों को अधिसूचित किया गया है, जबकि धान की फसल के बीमा के लिए हमीरपुर, नादौन तथा भोरंज तहसीलों को अधिसूचित किया गया है।

शर्मा ने कहा कि एक कनाल भूमि पर उगाई गई फसल के लिए 48 रुपये का प्रीमियम देना होगा। किसान अपनी फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड और भूमि संबंधी दस्तावेज जमा कर नजदीकी लोक मित्र केंद्र, बैंक या ऑनलाइन माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान से ऋण लेने वाले किसानों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थान स्वतः करेंगे। यदि कोई ऋणी किसान इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो वह संबंधित बैंक शाखा को इसकी जानकारी दे।

शर्मा ने बताया कि मक्का और धान की फसल के लिए बीमा प्रीमियम 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर या 48 रुपये प्रति कनाल तय किया गया है। बीमा की राशि 60,000 रुपये प्रति हेक्टेयर होगी।

भाषा निहारिका

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