एचपीसीएल को पहली तिमाही में 11,526 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा
एचपीसीएल को पहली तिमाही में 11,526 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 11,526.41 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों में तेजी के बावजूद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने की वजह से कंपनी का पिछले वित्त वर्ष का दो-तिहाई से अधिक लाभ खत्म हो गया।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि अप्रैल-जून 2025 में उसे 4,575.87 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। जबकि पिछली जनवरी-मार्च तिमाही में लाभ 4,901.50 करोड़ रुपये था।
एचपीसीएल का लाभ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में 17,258.13 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी को तिमाही के दौरान पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस एलपीजी बेचने पर भारी नुकसान हुआ। इससे रिकॉर्ड रिफाइनिंग मार्जिन खत्म हो गया।
एचपीसीएल ने पश्चिम एशिया संकट के साथ तेल के दाम में तेजी के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की अन्य खुदरा ईंधन विक्रेताओं… इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) के साथ मिलकर, पेट्रोल और डीजल की कीमतें ढाई महीने तक स्थिर रखीं। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई थी।
इन कंपनियों ने मई में कीमतें 7.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक बढ़ाईं। हालांकि, यह लागत को पूरा करने के लिए काफी नहीं थी। रसोई गैस की कीमत में 14.2 किलो सिलेंडर पर 89 रुपये की वृद्धि भी जरूरी बढ़ोतरी का पांचवां हिस्सा ही थी।
एचपीसीएल ने कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में कच्चे तेल के हर बैरल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदलने पर 23.80 डॉलर कमाए, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में सकल रिफाइनिंग मार्जिन 3.08 डॉलर प्रति बैरल था।
कंपनी की परिचालन आय जून, 2026 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 1.44 लाख करोड़ रुपये हो गयी, जो पिछले साल 1.19 लाख करोड़ रुपये थी।
भाषा रमण अजय
अजय

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