सुरक्षा चूक के बाद हब-एंड-स्पोक उड़ानों की व्यवस्था मजबूत की गई: नायडू

सुरक्षा चूक के बाद हब-एंड-स्पोक उड़ानों की व्यवस्था मजबूत की गई: नायडू

सुरक्षा चूक के बाद हब-एंड-स्पोक उड़ानों की व्यवस्था मजबूत की गई: नायडू
Modified Date: September 22, 2026 / 04:56 pm IST
Published Date: September 22, 2026 4:56 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत संचालित उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर उसे मजबूत किया गया है, ताकि भविष्य में कोई चूक न हो।

नायडू ने कहा कि चार सितंबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर हुई सुरक्षा चूक के मामले में नागर विमानन मंत्रालय ने एयर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना में अमृतसर से एयर इंडिया की उड़ान से दिल्ली पहुंचे तीन इतालवी यात्री आव्रजन प्रक्रिया पूरी किए बगैर लुफ्थांसा की उड़ान से म्यूनिख चले गए थे। ये यात्री हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत अमृतसर से दिल्ली होते हुए म्यूनिख जा रहे थे।

इस मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय यात्री अपने शुरुआती हवाई अड्डे पर ही चेक-इन, आव्रजन और सीमा शुल्क की औपचारिकताएं पूरी करते हैं। इसके बाद निर्धारित ‘हब’ हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद वे आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार हो सकते हैं और उन्हें दोबारा आव्रजन या सीमा-शुल्क प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता।

नायडू ने कहा, ‘‘सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाना भी जरूरी है। यहीं पर हब-एंड-स्पोक मॉडल वाला परिचालन वजूद में आता है।’’

उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल महत्वपूर्ण है। इस मॉडल के तहत तीन शहरों में हवाई परिचालन शुरू किया गया था और सुरक्षा चूक सामने आने के बाद मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई की।

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के साथ बैठक कर एयरलाइन की जांच और नियंत्रण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

हब-एंड-स्पोक अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन अहमदाबाद, वाराणसी और अमृतसर हवाई अड्डों से शुरू किया गया है।

मंत्रालय का कहना है कि इस व्यवस्था से छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय संपर्क बढ़ाने, यात्रियों की सुविधा बेहतर करने और हवाई अड्डों के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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