एचयूएल का मध्यम अवधि में 22-24 प्रतिशत की कर-पूर्व-आय का लक्ष्य: नायर
एचयूएल का मध्यम अवधि में 22-24 प्रतिशत की कर-पूर्व-आय का लक्ष्य: नायर
नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने मध्यम अवधि में 22 से 24 प्रतिशत ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई (कर-पूर्व आय या एबिटा) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी वृद्धि की रफ्तार को तेज करने के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर अपने कुल कारोबार के तीन प्रतिशत तक करने जा रही है।
एचयूएल खपत में बढ़ोतरी के साथ नए भारत के अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार है। कंपनी अपनी ”वृद्धि और उत्पादकता को गति देने” के लिए पूंजीगत व्यय को पिछले पांच साल के दो प्रतिशत से बढ़ाकर तीन प्रतिशत करने की योजना बना रही है।
ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय उपभोक्ता सामान कंपनी यूनिलीवर पीएलसी का हिस्सा हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में 63,763 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। कंपनी के पोर्टफोलियो में 21 ऐसे ब्रांड शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक का सालाना कारोबार 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी एक वर्ष में 85 अरब पैकेट बेचती है और इसकी पहुंच 90 लाख खुदरा दुकानों तक है।
लागत प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर रही कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एबिटा मार्जिन 23.6 प्रतिशत रहा, जो सालाना आधार पर लगभग 0.7 प्रतिशत कम है।
संस्थागत निवेशकों और वित्तीय विश्लेषकों के लिए आयोजित एक बैठक में कंपनी की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रिया नायर ने कहा, ‘‘एचयूएल अपने पोर्टफोलियो को व्यवस्थित रूप से अधिक मार्जिन की तरफ ले जा रही है।’’
कंपनी अधिक प्रीमियम उत्पादों, परिचालन दक्षता, लागत-बचत कार्यक्रम और एआई-संचालित प्रभावी मीडिया प्रबंधन के जरिये अपने कुल राजस्व का अतिरिक्त पांच प्रतिशत जुटाएगी। इस राशि को प्रीमियम उत्पादों के विस्तार और बाजार वृद्धि जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
नायर ने यह भी माना कि ‘‘चुनौतीपूर्ण परिचालन माहौल के बीच पिछले दो वर्षों में एचयूएल की वृद्धि सुस्त रही है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी ने पिछले एक साल में निर्णायक कदम उठाए हैं, जो एचयूएल को अधिक मजबूत वृद्धि के लिए तैयार कर रहे हैं।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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