सूक्ष्म वित्त कारोबार का मुश्किल दौर पीछे छूटा, दूसरी तिमाही से वृद्धि लौटेगी: इंडसइंड बैंक सीईओ

सूक्ष्म वित्त कारोबार का मुश्किल दौर पीछे छूटा, दूसरी तिमाही से वृद्धि लौटेगी: इंडसइंड बैंक सीईओ

सूक्ष्म वित्त कारोबार का मुश्किल दौर पीछे छूटा, दूसरी तिमाही से वृद्धि लौटेगी: इंडसइंड बैंक सीईओ
Modified Date: September 6, 2026 / 01:32 pm IST
Published Date: September 6, 2026 1:32 pm IST

नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) इंडसइंड बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव आनंद ने कहा कि सूक्ष्म वित्त कारोबार का मुश्किल दौर अब पीछे छूट गया है और जोखिम की स्थिति अनुकूल हो रही है।

आनंद ने कहा कि इस क्षेत्र में दूसरी तिमाही से वृद्धि लौटने की उम्मीद है।

इंडसइंड बैंक को 2025 में अपनी सूक्ष्म वित्त अनुषंगी कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (बीएफआईएल) से जुड़े गंभीर प्रशासनिक और लेखांकन संकट का सामना करना पड़ा था।

बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान गलत तरीके से दर्ज की गई कुल 674 करोड़ रुपये की ब्याज आय को वापस समायोजित किया था। इसके अलावा 172 करोड़ रुपये की एक अन्य राशि को धोखाधड़ी के रूप में बताया गया था। इसमें कर्मचारियों ने सूक्ष्म वित्त कारोबार में इस राशि को शुल्क आय के रूप में गलत तरीके से दर्ज किया था।

आनंद ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा, ‘‘हमारे सूक्ष्म वित्त कारोबार के लिए समय काफी मुश्किल रहा है। लेकिन अब वह दौर पीछे छूट गया है। फिलहाल जोखिम की स्थिति काफी अनुकूल है और दूसरी तिमाही से हमारे सूक्ष्म वित्त कारोबार में वृद्धि लौटनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि बैंक की सूक्ष्म वित्त इकाई का ‘भारत सुपरस्टोर’ नाम से एक सफल कारोबार है, जिसके तहत किराना दुकानों, छोटे रेस्तरां और इस तरह के अन्य कारोबार क्षेत्रों को कर्ज दिया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कारोबार भी अच्छा कर रहा है और लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। इसलिए दूसरी तिमाही और उसके बाद हमारे पूरे सूक्ष्म वित्त तथा ग्रामीण बैंकिंग कारोबार में मजबूत वृद्धि देखने को मिलनी चाहिए।’’

आनंद ने कहा कि बैंक को कर्ज वितरण बढ़ाने की जरूरत थी, जो अब हो चुका है।

उन्होंने भरोसा जताया कि आगे कारोबार में वृद्धि देखने को मिलेगी।

वित्त वर्ष 2026-27 में सूक्ष्म वित्त पोर्टफोलियो की वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर आनंद ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि इस साल हमारा सूक्ष्म वित्त कारोबार करीब 15-20 प्रतिशत बढ़ेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बाजार की वृद्धि फिलहाल करीब 17-18 प्रतिशत है। हमारा मानना है कि हमारी वृद्धि भी इसके आसपास रहेगी।’’

एक अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले अपेक्षित ऋण हानि (ईसीएल) संबंधी दिशानिर्देशों के प्रभाव के बारे में आनंद ने कहा कि इसके लिए बैंक को अपनी परिसंपत्तियों का करीब 1-1.5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रावधान करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि बैंक की कुल परिसंपत्ति इसके प्रभाव को झेलने के लिए पर्याप्त है।

भाषा योगेश अजय

अजय


लेखक के बारे में