Vande Bharat: शिक्षक दिवस.. फुल सियासत! छत्तीसगढ़ बीजेपी ने छेड़ा पोस्टर वार, क्या टीचरों के मुद्दों पर सियासी घमासान जरूरी है?

शिक्षक दिवस.. फुल सियासत! छत्तीसगढ़ बीजेपी ने छेड़ा पोस्टर वार, Chhattisgarh BJP launches poster war

Vande Bharat: शिक्षक दिवस.. फुल सियासत! छत्तीसगढ़ बीजेपी ने छेड़ा पोस्टर वार, क्या टीचरों के मुद्दों पर सियासी घमासान जरूरी है?

Vande Bharat IBC24 News || Image- IBC24 News File

Modified Date: September 6, 2026 / 01:28 am IST
Published Date: September 6, 2026 12:31 am IST

नई दिल्ली/रायपुर/भोपालः Vande Bharat: देश भर में आज शिक्षक दिवस मनाया गया। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजधानी दिल्ली में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए लेकिन दूसरी तरफ इस पर सियासत भी होती दिखी। मध्यप्रदेश में शिक्षक दिवस पर शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सियासी रंग में रंगा नजर आया। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा बीते 15 दिनों से धरने और अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों के समर्थन में अचानक नीलम पार्क पहुंच गए। अनशन पर बैठी प्रियंका को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई और सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों पर कार्रवाई पर विचार करने को कहा, जिस पर सियासत गरमा गई। बीजेपी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा।

Vande Bharat: मध्यप्रदेश में शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन पर सियासत हुई तो छत्तीसगढ़ में पोस्टर पॉलिटिक्सस देखने को मिली। बीजेपी ने अपने X हैंडल से एक पोस्टर जारी किया, जिसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए लिखा गुरु बिन ज्ञान कैसा, भूपेश बिन घोटाला कैसा.. शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं। वहीं इसके साथ घोटालों की क्लास नाम से एक कार्टून भी शेयर किया।

वहीं राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले टीचर्स से मुलाकात की। पीएम मोदी ने टीचर्स से इस दौरान पब्लिक स्पीकिंग के टिप्स लिए… कुल मिलाकर शिक्षा दिवस पर जहां एक तरफ सियासत हावी रही तो वहीं देशभर में शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। कई शिक्षकों को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात का भी अवसर मिला। हालांकि आज जरूरत इस बात की है कि शिक्षक दिवस सिर्फ सम्मान और सियासी बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि जो भविष्य गढ़ते हैं, उनके भविष्य की चिंता भी की जाए।


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।