नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) देश भर में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान मीगा गारंटी कोष के जरिये एक अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना रही है।
मीगा (बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी) विश्व बैंक समूह की एक संस्था है जो विकासशील देशों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए गैर-वाणिज्यिक जोखिमों के खिलाफ गारंटी प्रदान करती है।
आईआईएफसीएल के प्रबंध निदेशक रोहित ऋषि ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम मीगा के सहयोग से सरकारी गारंटी के बिना दीर्घकालिक वाणिज्यिक ऋण के रूप में एक अरब डॉलर तक जुटाने की मंजूरी लेने की प्रक्रिया में हैं। इससे सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ कम होगा।’’
उन्होंने बताया कि इस राशि को 15 वर्षों के लिए जुटाने को 3-4 शीर्ष वैश्विक बैंकों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है।
दिसंबर, 2025 तक कंपनी का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 21 प्रतिशत था और वास्तविक फंसा हुआ कर्ज मात्र 0.3 प्रतिशत था, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
वर्ष 2006 में स्थापित यह कंपनी देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है और भारतीय रिजर्व बैंक के पास एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में पंजीकृत है।
भाषा सुमित अजय
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