यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाना कारोबार सुगमता के खिलाफ : एनटीडब्ल्यूबी सदस्य
यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाना कारोबार सुगमता के खिलाफ : एनटीडब्ल्यूबी सदस्य
इंदौर (मप्र), 16 सितंबर (भाषा) ग्राहकों और कारोबारियों के व्यापक हितों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) के एक सदस्य ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का फैसला जल्द वापस लेना चाहिए।
सरकार के गठित एनटीडब्ल्यूबी में मध्यप्रदेश की नुमाइंदगी करने वाले रमेश खंडेलवाल ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने का फैसला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबारी सुगमता) की सरकारी नीतियों के खिलाफ है। इससे व्यापार के विकास पर असर पड़ेगा और चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।’’
उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह ग्राहकों और कारोबारियों के व्यापक हितों के मद्देनजर यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने का फैसला जल्द वापस ले।
खंडेलवाल ने यह भी कहा कि वह एनटीडब्ल्यूबी की आगामी बैठक में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर लगाने के मुद्दे को उठाएंगे।
भाषा हर्ष
राजकुमार अजय
अजय

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