नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त होने से सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर निवेशकों की धारणा पर असर पड़ सकता है। विश्लेषकों ने यह अनुमान जताया है।
विश्लेषकों ने कहा कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों के अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगी। यह सप्ताह अवकाश के कारण छोटा रहेगा, क्योंकि मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेंगे।
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी पक्ष की अत्यधिक मांगों के कारण वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के कारण शांति समझौता नहीं हो सका।
उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने अपना अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव रखा था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। वहीं, ईरानी पक्ष ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन दो से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर मतभेद बने रहे।
पिछले सप्ताह अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में जोरदार तेजी आई थी। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक और एनएसई निफ्टी 1,337.5 अंक चढ़ा था।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक हरिप्रसाद के ने कहा कि निफ्टी-50 इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 24,000 अंक के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद बाजार में सतर्क आशावाद दिख रहा था, लेकिन वार्ता विफल होने से निकट अवधि का परिदृश्य बदल गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘बिना किसी समाधान के वार्ता समाप्त होने से बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है, जैसा संघर्ष के शुरुआती चरणों में देखा गया था।’’
उनके अनुसार, सोमवार को प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुल सकते हैं।
इस सप्ताह बाजार पर मुद्रास्फीति के आंकड़ों, कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी असर रहेगा।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा कि विप्रो, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी प्रमुख कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इसके अलावा 13 अप्रैल को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और 14 अप्रैल को थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े भी जारी होंगे, जो महंगाई के रुझान का संकेत देंगे।
भाषा योगेश अजय
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