भारत एक सोई हुई ताकत, जगने पर बन सकता है दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाः नायडू
भारत एक सोई हुई ताकत, जगने पर बन सकता है दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाः नायडू
(तस्वीर के साथ)
(बरुण झा)
दावोस, 20 जनवरी (भाषा) वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में एक सुर से भारत की आर्थिक वृद्धि और निवेश संभावनाओं की सराहना की।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक में हिस्सा लेने के लिए दावोस पहुंचे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत पहले से ही दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगले दो-तीन वर्ष में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। फिर 2048 तक यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएगा।
उन्होंने ‘इंडिया पैवेलियन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, ‘‘हम दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। भारत एक सोई हुई ताकत है और अगर हम जाग गए तो 2047 तक नंबर एक बन जाएंगे।’’
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उनका राज्य नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ और अन्य नीतियों से अत्यधिक लाभान्वित हो रहा है। देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि असम का समय आ गया है और सभी निवेशकों को राज्य के विकास में भागीदार बनना चाहिए।
शर्मा ने कहा, ‘‘मैं यहां पहली बार आया हूं और मुझे लगता है कि हमें बहुत पहले आ जाना चाहिए था।’’ उन्होंने अन्य सभी राज्यों को निवेश आकर्षित करने के उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने राज्य में प्रचलित पारंपरिक अभिवादन ‘जोहार’ से सभी का अभिवादन किया और सभी राज्यों को बधाई देते हुए उनकी सफलता की कामना की।
सोरेन ने कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
इंडिया पैवेलियन के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के अलावा, 10 राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
दावोस में भारत का यह सबसे बड़ा और सबसे विविध राजनीतिक प्रतिनिधित्व है। इसमें शामिल नेता विभिन्न दलों से ताल्लुक रखने के बावजूद वैश्विक मंच पर भारत की एकजुट तस्वीर पेश कर रहे हैं।
इस मौके पर केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि जब दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी हुई, तब भारत ने रफ्तार पकड़ी और यह वृद्धि पथ अब भी निरंतर जारी है।
उन्होंने दावोस में विभिन्न राज्यों की उपस्थिति की सराहना की और कहा कि जब कोई राज्य वृद्धि करता है तो देश भी वृद्धि करता है।
जोशी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत की वृद्धि गाथा के बारे में पूरी दुनिया को सूचित करना चाहिए।
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार द्वारा इस बाजार के लोकतांत्रीकरण के लिए किए गए ठोस प्रयासों से भारत तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागर विमानन बाजार बन गया है।
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि वह भी पहली बार यहां आए हैं और विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित हैं।
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उनके राज्य ने अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली वृद्धि पथ पर कदम बढ़ाए हैं।
केरल के मंत्री पी. राजीव ने कहा कि जब वे पिछले साल दावोस आए थे तो उनका ध्यान समझौता ज्ञापनों पर नहीं, बल्कि केवल अपने राज्य को प्रदर्शित करने पर था। फिर भी वे कई निवेश प्रस्तावों (ईओआई) के साथ घर लौटे जिनमें से कई अब वास्तविक सौदों में परिवर्तित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य अब प्रगतिशील नीतियों के साथ 24 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जिससे केरल में अधिक निवेश एवं विकास लाने में मदद मिलेगी।
तेलंगाना के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि उनकी सरकार राज्य को 3,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि उनका राज्य दावोस में अपनी विशिष्ट नीतियों को प्रदर्शित करने के लिए मौजूद है जो प्रमुख प्रेरक शक्ति होंगी और उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष भी काफी निवेश आकर्षित होगा।
इस मौके पर कर्नाटक के मंत्री एम. बी. पाटिल ने कहा कि दावोस में भारतीय उपस्थिति का व्यापक स्तर देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई है और यह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश है कि भारत न केवल वैश्विक वृद्धि में भाग ले रहा है बल्कि उसे गति भी दे रहा है।
भाषा निहारिका रमण प्रेम
प्रेम


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