भारत का लक्ष्य अगले 6-7 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को दोगुना करने का: अधिकारी

भारत का लक्ष्य अगले 6-7 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को दोगुना करने का: अधिकारी

भारत का लक्ष्य अगले 6-7 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को दोगुना करने का: अधिकारी
Modified Date: February 24, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: February 24, 2026 8:35 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) सरकार का लक्ष्य अगले छह से सात वर्षों में देश की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को मौजूदा 12-13 प्रतिशत से बढ़ाकर दोगुना करने का है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रसंस्करण क्षमता दोगुनी होने से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में हम अपने कुल कृषि उत्पादन का केवल 12 से 13 प्रतिशत ही प्रसंस्कृत करते हैं। हमारा लक्ष्य है कि अगले छह से सात वर्षों में इसे दोगुना किया जाए। इसका अर्थ है कि पिछले 80 वर्षों में जो प्रगति हुई है, उतनी ही प्रगति हम आने वाले कुछ वर्षों में करना चाहते हैं।’

कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा, ‘‘हम फलों और सब्जियों के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक हैं, और उनमें से, हम आम के सबसे बड़े उत्पादक हैं। प्रसंस्करण में, हम थाइलैंड, मेक्सिको और फिलिपीन सहित कई देशों से थोड़ा पीछे हैं; जहां तक ​​​​प्रसंस्करण के स्तर का सवाल है, वे हमसे बहुत आगे हैं।’’

वह 26-28 फरवरी को निफ्टेम, कुंडली में आयोजित किए जा रहे ‘‘उभरते और टिकाऊ स्वस्थ खाद्य पदार्थों के लिए उन्नत अगली पीढ़ी के दृष्टिकोण (एएनवीईएसएच)’’ की घोषणा के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

निफ्टेम, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के तहत एक प्रमुख खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान है।

भाषा राजेश राजेश अजय योगेश

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