Student Delivery in Exam Hall: माता पिता ने भेजा था एग्जाम देने, बच्चा लेकर आई 10वीं की छात्रा, परीक्षा हाल में ही हुई डिलीवरी..
Student Delivery in Exam Hall: मध्यप्रदेश के धार जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 10वीं बोर्ड परीक्षा देने पहुंची एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा केंद्र के बाथरूम में ही बच्चे को जन्म दे दिया।
DHAR BIRTH/ IMAGE SOURCE: ibc24
- परीक्षा के दौरान छात्रा ने जन्म
- एग्जाम सेंटर में लेबर पेन
- बाथरूम से आई रोने की आवाज
Student Gave Birth During Exam: धार: मध्यप्रदेश के धार जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 10वीं बोर्ड परीक्षा देने पहुंची एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा केंद्र के बाथरूम में ही बच्चे को जन्म दे दिया। घटना पीथमपुर स्थित एक निजी स्कूल के परीक्षा केंद्र की बताई जा रही है। परीक्षा के दौरान छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। कुछ देर बाद उसे लेबर पेन शुरू हो गया और वह परीक्षा हॉल से उठकर बाथरूम चली गई। इसके बाद करीब 15 मिनट तक वह बाहर नहीं आई, जिससे स्टाफ को चिंता हुई।
Dhar News: महिला स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के होश उड़ गए
इसी दौरान बाथरूम के अंदर से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी, जिसे सुनकर महिला स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के होश उड़ गए। तुरंत दरवाजा खुलवाया गया तो अंदर छात्रा प्रसव के बाद नवजात के साथ मिली। स्कूल प्रबंधन ने बिना देर किए एंबुलेंस की व्यवस्था कर छात्रा और नवजात को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार और जांच के बाद बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। फिलहाल दोनों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
Dhar Board Exam: डॉक्टरों ने दिया अपडेट
डॉक्टरों के अनुसार छात्रा को पहले से गर्भावस्था की जानकारी थी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रसव सामान्य रूप से हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि समय पर अस्पताल लाए जाने से किसी तरह की गंभीर जटिलता नहीं हुई। वहीं स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्रा परीक्षा के दौरान सामान्य दिख रही थी और उसने किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या की जानकारी पहले नहीं दी थी।
घटना के बाद छात्रा ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से उसका एक युवक के साथ शारीरिक संबंध था, जिसके कारण वह गर्भवती हुई। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन और बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि छात्रा नाबालिग बताई जा रही है। ऐसे मामलों में कानून के तहत जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। फिलहाल छात्रा की पहचान गोपनीय रखी गई है।
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