भारत और कनाडा ने 2026 के अंत तक व्यापार वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया

भारत और कनाडा ने 2026 के अंत तक व्यापार वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया

भारत और कनाडा ने 2026 के अंत तक व्यापार वार्ता पूरी करने का लक्ष्य तय किया
Modified Date: August 28, 2026 / 11:13 am IST
Published Date: August 28, 2026 11:13 am IST

वाशिंगटन, 28 अगस्त (भाषा) द्विपक्षीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत और कनाडा ने कहा कि वे 2026 के अंत तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत पूरी करने और जल्द से जल्द द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडा के वित्त तथा राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन ने बृहस्पतिवार को टोरंटो में ‘प्रारंभिक आर्थिक और वित्तीय संवाद’ में सीमा पार धनप्रेषण और व्यापारिक भुगतानों से संबंधित अवसरों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों और हितधारकों के बीच जुड़ाव पर सहमति व्यक्त की।

प्रारंभिक आर्थिक और वित्तीय संवाद के बाद जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने भुगतान सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी के माध्यम से कनाडा में यूपीआई के उपयोग को व्यापक बनाने का स्वागत किया। उन्होंने माना कि ऐसे प्रयास तेज और लागत प्रभावी भुगतान में योगदान दे सकते हैं तथा दोनों देशों में द्विपक्षीय व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और छोटे तथा मध्यम उद्यमों की वृद्धि का समर्थन कर सकते हैं।

यह संवाद द्विपक्षीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने के लिए मार्च 2026 में नई दिल्ली में अपनी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा की गई प्रतिबद्धता पर आधारित है।

दोनों पक्षों ने 2026 के अंत तक कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के लिए बातचीत पूरी करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता भी जताई।

मंत्रियों ने वैश्विक व्यापक आर्थिक घटनाक्रमों और घरेलू नीति प्राथमिकताओं पर विचार किया और निवेश संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत ने जल्द से जल्द द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत शुरू करने की अपनी तत्परता भी व्यक्त की।

अगला भारत-कनाडा आर्थिक और वित्तीय संवाद 2027 में आयोजित किया जाएगा। सीतारमण ने नए अवसरों की तलाश के लिए भारत-कनाडा कॉरिडोर में प्रमुख व्यवसाय समूहों और पेशेवर संघों के साथ भी बातचीत की।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय


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