भारत-ब्राजील के बीच एमएसएमई सहयोग, हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए समझौता

भारत-ब्राजील के बीच एमएसएमई सहयोग, हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए समझौता

भारत-ब्राजील के बीच एमएसएमई सहयोग, हरित वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए समझौता
Modified Date: February 21, 2026 / 08:33 pm IST
Published Date: February 21, 2026 8:33 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) भारत और ब्राजील ने शनिवार को सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लाभ के लिए आपसी सहयोग के क्षेत्रों को तलाशने और उन्हें ‘हरित वित्तपोषण’ तक सुगम पहुंच प्रदान करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की मौजूदा भारत यात्रा के दौरान इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू पर भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय और ब्राजील के उद्यमिता, सूक्ष्म और लघु उद्यम मंत्रालय ने हस्ताक्षर किए।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों को एमएसएमई से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों के छोटे उद्यमों के पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग के संभावित क्षेत्रों का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। यह दोनों देशों के एमएसएमई को एक-दूसरे की ताकत, बाजारों, प्रौद्योगिकियों और नीतियों को समझने के लिए एक ढांचा और अनुकूल माहौल मुहैया कराएगा।’

इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ‘हरित परिवर्तन’ को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करना है। इसमें ‘हरित वित्तपोषण’ तक एमएसएमई की पहुंच को सुगम बनाना भी शामिल है, जिससे उन्हें वैश्विक बाजारों और मूल्य शृंखलाओं से जुड़ने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, इस समझौते से एमएसएमई की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा और टिकाऊ विकास के लिए उनकी क्षमता और अधिक मजबूत होगी।

ब्राजील के राष्ट्रपति 18 फरवरी से भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आपसी सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा भी की।

भाषा सुमित प्रेम

प्रेम


लेखक के बारे में