भारत 2030 तक बन सकता है उच्च-मध्यम आय वाला देशः एसबीआई रिसर्च

भारत 2030 तक बन सकता है उच्च-मध्यम आय वाला देशः एसबीआई रिसर्च

भारत 2030 तक बन सकता है उच्च-मध्यम आय वाला देशः एसबीआई रिसर्च
Modified Date: January 19, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: January 19, 2026 7:15 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) भारत वर्ष 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ वाला देश बनकर चीन एवं इंडोनेशिया की कतार में शामिल हो जाएगा और यह 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भी अग्रसर है। सोमवार को एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई।

विश्व बैंक प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) के आधार पर देशों का वर्गीकरण निम्न आय, निम्न-मध्यम आय, उच्च-मध्यम आय और उच्च आय वाले देशों के रूप में करता है।

वर्ष 1990 में विश्व बैंक के इस वर्गीकरण के तहत कुल 218 देशों में से 51 निम्न आय, 56 निम्न-मध्यम आय, 29 ऊपरी-मध्यम आय और 39 उच्च आय वाले देश थे।

 ⁠

हालांकि वर्ष 2024 में प्रकाशित नवीनतम वर्गीकरण के तहत 26 देश निम्न आय, 50 निम्न-मध्यम आय, 54 उच्च-मध्यम आय और 87 उच्च आय वाले देश थे।

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट कहती है कि भारत को आजादी के बाद निम्न-मध्यम आय वाले वर्गीकरण से बाहर निकलने में 60 साल लग गए। इसकी 1962 में प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय 90 डॉलर थी जो 2007 तक 910 डॉलर हो गई।

इसके बाद भारत ने 2009 में प्रति व्यक्ति आय 1,000 डॉलर, 2019 में 2,000 डॉलर और 2026 तक 3,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय हासिल कर ‘उच्च-मध्यम आय’ वाला देश बनने की दिशा में कदम रख दिया है।

रिपोर्ट कहती है, ‘भारत अगले चार वर्षों में 2030 तक 4,000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय हासिल करने की राह पर है जिससे वह उच्च-मध्यम आय वाला देश बन जाएगा और चीन एवं इंडोनेशिया के मौजूदा समूह का हिस्सा बन जाएगा।’

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2047 तक भारत को उच्च-आय वाला देश बनने के लिए प्रति व्यक्ति जीएनआई को 7.5 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़ाना होगा जो हासिल किया जा सकता है। वर्ष 2001-2024 के दौरान यह दर 8.3 प्रतिशत रही है।

हालांकि अगर उच्च आय देश बनने की सीमा 13,936 डॉलर से बदलकर 2047 तक 18,000 डॉलर प्रति व्यक्ति हो जाती है तो फिर भारत को उच्च आय वाला देश बनने के लिए उस समय तक प्रति व्यक्ति आय में सालाना 8.9 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी करनी होगी।

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट कहती है कि भारत वर्ष 2028 तक पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है जबकि 2035 तक यह 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अर्थव्यवस्था अब भी सबसे बड़ी है जबकि उसके बाद चीन का स्थान आता है। हालांकि भारत 2028 तक जर्मनी को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

भारत वर्ष 1990 में दुनिया की 14वीं बड़ी अर्थव्यवस्था था लेकिन 2025 में उसने चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का तमगा हासिल कर लिया।

एसबीआई रिसर्च ने कहा, ‘भारत को अपने सुधारों के कार्यक्रम को जारी रखना चाहिए ताकि वह अतिरिक्त और तेजी से होने वाली आर्थिक वृद्धि हासिल कर सके, जो इसे उच्च-आय वाले देश की श्रेणी तक पहुंचाने के लिए जरूरी है।’

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी और मौजूदा कीमतों पर जीडीपी में औसतन 11-11.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि संभव है, जो देश को 2030 तक उच्च-मध्यम आय और 2047 तक उच्च आय वाले देश की श्रेणी में लाने में मददगार होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


लेखक के बारे में